Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ में अवैध अप्रवासियों की पहचान के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान बेमेतरा जिले से एक संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक को पकड़ा गया है। पुलिस के अनुसार उसकी पहचान बांग्लादेश के दिनाजपुर निवासी मो. मोकसादूल आलम के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच के बाद उसे रायपुर स्थित होल्डिंग सेंटर भेज दिया गया है। पुलिस के मुताबिक सोमवार को चलाए गए विशेष अभियान के दौरान संदिग्ध युवक से पूछताछ की गई। जांच में यह जानकारी सामने आई कि वह वर्ष 2007 में भारत आया था। इसके बाद उसने ओडिशा के संबलपुर में कथित रूप से फर्जी दस्तावेज बनवाए और उन्हीं के आधार पर अलग-अलग स्थानों पर रह रहा था।
पुलिस अब उसके दस्तावेजों की वास्तविकता, भारत में प्रवेश के तरीके और यहां रहने के दौरान उसकी गतिविधियों की विस्तृत जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि उसके संपर्क में कौन-कौन लोग थे और फर्जी दस्तावेज तैयार कराने में किसकी मदद ली गई थी। बेमेतरा में इससे करीब एक महीने पहले भी एक बांग्लादेशी नागरिक को कथित फर्जी दस्तावेजों के साथ पकड़ा गया था। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने जिले में बाहरी और संदिग्ध व्यक्तियों के दस्तावेजों की जांच तेज कर दी थी।
पुलिस के अनुसार पकड़े गए मो. मोकसादूल आलम के खिलाफ बेमेतरा, कबीरधाम और राजनांदगांव जिलों के अलग-अलग थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है। इनमें चोरी, आर्म्स एक्ट और आबकारी अधिनियम से जुड़े लगभग 13 प्रकरण बताए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक वह कुछ दिन पहले ही जेल से जमानत पर बाहर आया था। पुलिस का आरोप है कि वह राज्य के विभिन्न जिलों में कपड़ा और बर्तन बेचने के नाम पर गांव-गांव घूमता था। इसी दौरान कथित रूप से क्षेत्रों की रेकी करता और बाद में अन्य आरोपियों के साथ मिलकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था।
जांच एजेंसियां अब उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और यात्रा संबंधी जानकारी की भी पड़ताल कर रही हैं। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ में उसके ठहरने और गतिविधियों में किसी अन्य व्यक्ति या नेटवर्क की भूमिका तो नहीं थी। फिलहाल संदिग्ध युवक को रायपुर के होल्डिंग सेंटर में रखा गया है। उसके नागरिकता संबंधी दस्तावेजों और पहचान की पुष्टि के लिए संबंधित एजेंसियों से जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि अवैध अप्रवासियों की पहचान और फर्जी दस्तावेजों के मामलों में जांच आगे भी जारी रहेगी। दस्तावेज सत्यापन पूरा होने के बाद ही युवक के खिलाफ आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई तय की जाएगी।