राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद 25 जून को उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) में अपने गांव परौंख का दौरा करेंगे. उस को दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से राष्ट्रपति की विशेष ट्रेन चलेगी. गांव जाने दौरान ट्रेन कानपुर देहात के झिंझक और रूरा में दो स्टॉप पर रुकेगी, जहां राष्ट्रपति अपने स्कूल के दिनों से और अपनी सामाजिक सेवा के शुरुआती दिनों से अपने पुराने परिचितों से बातचीत करेंगे.

राष्‍ट्रपति बनने के बाद ये पहला मौका होगा जब वो अपने जन्‍मस्‍थान जाएंगे. इसके अलावा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की यात्रा के दौरान 15 साल में ऐसा पहली बार होगा जब कोई वर्तमान राष्ट्रपति ट्रेन में सफर करेगें. वहीं एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि यह पहली बार है जब राष्ट्रपति अपना वर्तमान कार्यभार संभालने के बाद अपने जन्मस्थान का दौरा करेंगे. हालांकि वह पहले इस जगह का दौरा करना चाहते थे, लेकिन महामारी के कारण योजनाएँ अमल में नहीं आ सकीं."
15 साल के अंतराल के बाद राष्ट्रपति रेल यात्रा करेंगे
बयान में कहा गया है कि ट्रेन से यात्रा के तरीके का उनका चुनाव कई राष्ट्रपतियों की परंपरा के अनुरूप है, जिन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों में लोगों से जुड़ने के लिए ट्रेन की यात्रा की. यह 15 साल के अंतराल के बाद होगा कि एक मौजूदा राष्ट्रपति रेल यात्रा करेंगे. इससे पहले आखिरी बार किसी राष्ट्रपति ने ट्रेन से यात्रा 2006 में की थी जब डॉ एपीजे अब्दुल कलाम भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में कैडेटों की पासिंग आउट परेड में भाग लेने के लिए दिल्ली से देहरादून के लिए एक विशेष ट्रेन में सवार हुए थे.
डॉ राजेंद्र प्रसाद अक्सर रेल यात्राएं किया करते थे
रिकॉर्ड बताते हैं कि देश के पहले राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद अक्सर रेल यात्राएं किया करते थे. राष्ट्रपति के रूप में पदभार संभालने के तुरंत बाद ही उन्होंने बिहार की अपनी यात्रा के दौरान, सीवान जिले में अपने जन्मस्थान, जीरादेई का दौरा किया था. वह छपरा से राष्ट्रपति की विशेष ट्रेन में सवार होकर जीरादेई पहुंचे थे जहां उन्होंने तीन दिन बिताए. उन्होंने देश भर में ट्रेन से यात्रा की.
Tags: