अफेयर: पति-पत्नी ने युवक को मार डाला, हाथ-पैर काट डाले

फैली सनसनी.

Update: 2026-06-02 11:30 GMT
फतेहपुर: यूपी के फतेहपुर जिले में एक प्रेम कहानी का ऐसा अंत हुआ, जिसने पुलिस अधिकारियों को भी हैरान कर दिया. एक युवक अपनी शादीशुदा प्रेमिका के बुलावे पर उसके घर पहुंचा था. उसे शायद अंदाजा भी नहीं था कि जिस घर में वह जा रहा है, वहां उसके लिए मौत इंतजार कर रही है. कुछ ही घंटों बाद वह लापता हो गया और फिर शुरू हुई तलाश की ऐसी कहानी, जो हत्या, साजिश, शव को ठिकाने लगाने और यूट्यूब से सीखे गए तरीकों तक जा पहुंची. फतेहपुर पुलिस ने अब इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के मुताबिक प्रेम प्रसंग से नाराज पति ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर युवक की हत्या की साजिश रची थी.
मामला बकेवर थाना क्षेत्र का है. पुलिस के अनुसार टिकरा गांव निवासी विजय निषाद 8 मई 2026 को घर से निकला था. परिजनों को लगा कि वह किसी काम से गया है और कुछ देर में लौट आएगा, लेकिन देर रात तक जब वह वापस नहीं आया तो चिंता बढ़ने लगी. कई दिनों तक परिजन अपने स्तर पर उसकी तलाश करते रहे. रिश्तेदारों, दोस्तों और परिचितों से संपर्क किया गया, लेकिन विजय का कोई पता नहीं चला. आखिरकार 11 मई को परिजनों ने थाना बकेवर में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई. उस समय किसी को अंदाजा नहीं था कि विजय के साथ क्या हो चुका है.
गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की. परिवार वालों ने आशंका जताई कि विजय किसी महिला या अन्य व्यक्ति के संपर्क में था और संभव है कि उसी सिलसिले में उसके साथ कोई अप्रिय घटना हुई हो. इसके बाद पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल और लोकेशन की जानकारी ली गई. जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया. पुलिस को पता चला कि विजय की लगातार बातचीत जनपद हमीरपुर की रहने वाली किरन देवी से हो रही थी. कॉल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों ने जांच को नई दिशा दे दी. इसी दौरान विजय की मोटरसाइकिल कानपुर के घाटमपुर क्षेत्र से बरामद हुई. मोटरसाइकिल मिलने के बाद पुलिस का शक और गहरा गया.
पुलिस जांच में सामने आया कि विजय और किरन देवी के बीच प्रेम संबंध थे. पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने किरन देवी और उसके पति कामता प्रसाद निषाद को हिरासत में लिया. जैसे-जैसे पूछताछ आगे बढ़ी, वैसे-वैसे मामले की परतें खुलती चली गईं. पुलिस के अनुसार दोनों ने स्वीकार किया कि विजय और किरन देवी के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे. यही संबंध आगे चलकर हत्या की वजह बना. एसपी फतेहपुर अभिमन्यु मांगलिक के अनुसार लगभग चार महीने पहले तक कामता प्रसाद सूरत में काम करता था. इसी दौरान विजय और किरन देवी के बीच नजदीकियां बढ़ीं. बाद में जब कामता प्रसाद वापस घर लौटा तो उसे इस संबंध की जानकारी मिली. पुलिस के अनुसार कामता को यह रिश्ता स्वीकार नहीं था. इसके बावजूद विजय लगातार किरन देवी से संपर्क करने और मिलने की कोशिश करता रहा. यहीं से नाराजगी बढ़ती गई और फिर एक ऐसी योजना बनी, जिसने एक युवक की जान ले ली.
पुलिस के मुताबिक 8 मई को विजय निषाद किरन देवी के घर पहुंचा था. जांच में सामने आया कि पति-पत्नी ने पहले से योजना बनाई हुई थी. जैसे ही विजय घर पहुंचा, उस पर हमला कर दिया गया. पुलिस के अनुसार कामता प्रसाद ने दरवाजे की चौखट से विजय पर वार किया. हमला इतना गंभीर था कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई. हत्या के बाद दोनों के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी शव को ठिकाने लगाना और पुलिस से बचना. पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि हत्या के बाद उन्होंने शव को छिपा दिया. रात होने का इंतजार किया गया ताकि किसी को शक न हो. इसके बाद शव को ठिकाने लगाने की कोशिश शुरू हुई. लेकिन जब शव को बोरे में भरने का प्रयास किया गया तो उन्हें दिक्कत आई. पुलिस के अनुसार इसी वजह से आरोपियों ने शव के टुकड़े करने का फैसला किया. जांच में सामने आया कि इसके लिए आरी और ग्राइंडर का इस्तेमाल किया गया.
पुलिस के अनुसार शव के हिस्सों को बाद में कानपुर नगर क्षेत्र के जंगल में ले जाया गया. वहां शव को जलाकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया गया. सिर्फ शव ही नहीं, बल्कि मृतक से जुड़ी अन्य चीजों को भी अलग-अलग स्थानों पर फेंका गया ताकि पहचान और जांच में मुश्किल पैदा हो. पुलिस के अनुसार मोबाइल फोन, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, जूते और अन्य सामान भी नष्ट करने या फेंकने की कोशिश की गई.
जांच का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा आरोपियों के मोबाइल फोन से सामने आया. एसपी अभिमन्यु मांगलिक के अनुसार मोबाइल फोन की जांच में पता चला कि घटना से पहले और बाद में इंटरनेट पर कई तरह की जानकारी खोजी गई थी. पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने हत्या के मामलों में सजा, जेल व्यवस्था, फांसी की सजा और महिला अभियुक्तों से जुड़ी जानकारी इंटरनेट पर सर्च की थी. इतना ही नहीं, साक्ष्य मिटाने और अपराध से बचने से जुड़ी जानकारियां भी यूट्यूब और अन्य माध्यमों पर खोजी गई थीं.
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर कई महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं. बरामदगी में शव के अवशेष, मोबाइल फोन के अवशेष, जले हुए कपड़ों के टुकड़े, आरी, ग्राइंडर ब्लेड और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल शामिल हैं. पुलिस के अनुसार ये सभी साक्ष्य मामले की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. बरामद सामान और अवशेषों को परिजनों को दिखाया गया. पुलिस के मुताबिक परिजनों ने कपड़े, जूते और अन्य सामान की पहचान विजय निषाद के रूप में की है. हालांकि कानूनी प्रक्रिया के तहत अंतिम पुष्टि के लिए डीएनए परीक्षण कराया जा रहा है. एसपी ने बताया कि डीएनए रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई को और मजबूत किया जाएगा.
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