राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण पर गुरुवार को सदन में चर्चा के दौरान अध्यक्ष ने जब टीएमसी सांसद ने भी अपने विचार रखे थे. लेकिन बाद में उन्होंने लोकसभा में पीठासीन अधिकारी रमा देवी पर आरोप लगाया था कि उनको सदन में बोलने नहीं दिया गया. साथ ही ट्विटर पर टिप्पणी भी की थी. इसपर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में नाराज़गी जताई.

अध्यक्ष ओम बिरला ने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा का नाम लिए बिना अपनी नाराज़गी जताई. उन्होंने कहा कि अध्यक्षपीठ के बारे में किसी को भी सदन के अंदर और बाहर, टिप्पणी नहीं करनी चाहिए. बाहर टिप्पणी करना हमारे संसदीय लोकतंत्र की मर्यादा के लिए उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि सदन की एक उच्च कोटि की मर्यादा है जिसका सम्मान सभी माननीय सदस्य करते हैं. आसन का प्रयास होता है कि सदन निष्पक्ष रूप से नियम और प्रक्रियाओं से संचालित हो. अध्यक्षपीठ पर बैठने वाले किसी भी सदस्य को अध्यक्ष के समान ही सभी संवैधानिक अधिकार होते हैं.
उन्होंने कहा, 'सदस्य या किसी अन्य व्यक्ति को आसन के बारे में, अंदर या बाहर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए. मुझे आशा है कि आप सब इसपर सहमत होंगे. सदन के अंदर व बाहर की जाने वाली टिप्पणियों को मैंने गंभीरता से लिया है. सदस्य सदन में, सदन के बाहर और सोशल मीडिया या मीडिया में टिप्पणी नहीं करें, यही उचित होगा.'
उन्होंने कहा, ' मैं हमेशा सदस्यों का सम्मान करता हूं, साथ ही पूरा कोशिश रहती है कि सदस्यों को बोलने का पूरा मौका मिले. सांसद भी देर रात तक संवैधानिक दायित्व निभाते हुए यहां बैठते हैं. लेकिन एक मर्यादा सभी को बनानी चाहिए.'
आपको बता दें कि टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने गुरुवार आरोप लगाया था कि उनको बोलने नहीं दिया गया, अपनी बात रखने नहीं दी गई. साथ ही उन्होंने लोकसभा में पीठासीन अधिकारी रमा देवी के बारे में ट्विटर पर एक ट्वीट भी किया और कहा था कि मुझे रोकने वाली चेयर कौन होती है. वे लेक्चर देने वाली कौन हैं कि मुझे प्यार से बोलना चाहिए या गुस्से से? ये आपका काम नहीं है मैडम. आप केवल मुझे नियमों को लेकर सही कर सकती हैं. आप लोकसभा में मेरी मोरल साइंस की टीचर नहीं हैं.
आपको बता दें कि महुओ मोइत्रा लोकसभा में जब भाषण दे रही थीं, तो वह काफी आक्रामक होकर बोल रही थीं, जिसपर रमा देवी ने कहा था कि 'आप आराम से बोलिए, गुस्से में क्यों हैं'. टीएमसी के सदस्य भी महुआ मोइत्रा के रवैये से खुश नहीं है. पार्टी के मुताबिक, पार्टी के सबसे वरिष्ठ सदस्य सौगत राय पहले स्पीकर के नाते सबसे ज़्यादा समय के अधिकारी हैं.
Tags: