New Delhi. नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी ने फैसला किया है कि वो दिल्ली विधानसभा का चुनाव अकेले लड़ेगी. पार्टी के सीनियर नेता गोपाल राय ने कहा कि कांग्रेस के साथ गठबंधन लोकसभा चुनाव के लिए था. विधानसभा चुनाव हम अकेले लड़ेंगे.
जेल में है केजीवाल


कांग्रेस से गठबंधन के बावजूद आम आदमी पार्टी (AAP) लोकसभा चुनाव में राजधानी की एक भी सीट पर जीत दर्ज नहीं कर पाई। लेकिन तब भी पार्टी हतोत्साहित नहीं, बल्कि उत्साहित है। पार्टी नेताओं का कहना है कि आप का वोट प्रतिशत बढ़ा है तो कई सीटों पर पार्टी ने भाजपा को कड़ी टक्कर भी दी है। पार्टी छह-सात माह बाद होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भी निश्चिंत है। पार्टी नेताओं की मानें तो मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के जेल से बाहर न आने की स्थिति में भी चुनाव में वोट उन्हीं के नाम पर पड़ेगा।

जेल के बदले वोट... अभियान को लेकर पूछे जाने पर वरिष्ठ पार्टी नेता इसे असफल नहीं बताते। उनका कहना है कि लोकसभा चुनाव में पहले दो बार भी भाजपा को ही सर्वाधिक वोट मिले थे। इस बार भी वही हुआ। लेकिन इस अभियान की सफलता का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि आप उम्मीदवारों ने खूब मजबूती से चुनाव लड़ा और भाजपा को कड़ी टक्कर दी। आलम यह रहा कि भाजपा भी कुछ सीटों के चुनाव परिणाम को लेकर ऊहापोह में थी। विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस से गठबंधन करने या नहीं करने के सवाल पर पार्टी नेता अभी इसे जल्दबाजी कहते हैं। उनका कहना है कि वक्त ही बताएगा।
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