बस्ती: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है. यहां एक युवक अपनी पत्नी से इस कदर प्रताड़ित और मानसिक तनाव में था कि उसने भगवान से सुखी वैवाहिक जीवन के बजाय अलग होने की मन्नत मांग ली. मन्नत पूरी होते ही युवक ने अपने घर से मंदिर तक की 9 किमी लंबी दूरी दंडवत लेटकर पूरी की.
दरअसल, पूरा मामला सोनहा थाना इलाके की है. यहां रहने वाला रवि नाम के युवक की शादी 2 साल पहले हुई थी. शादी के कुछ समय बाद ही पति-पत्नी के बीच विवाद और कलह इस कदर बढ़ गई कि रवि का जीना दूभर हो गया.
मानसिक तनाव से तंग आकर रवि ने पौराणिक मां बैड़वा समय माता के दरबार में मन्नत मांगी कि यदि उसका अपनी पत्नी से कानूनी रूप से पीछा छूट गया, तो वह दंडवत यात्रा करेगा. जैसे ही पत्नी से कानूनी रूप से अलग होने का रास्ता साफ हुआ, रवि ने अपनी मन्नत पूरी करने की ठान ली. रविवार सुबह बिना अन्न-जल ग्रहण किए रवि ने अपने गांव से भानपुर स्थित माता के मंदिर तक की यात्रा शुरू की.
9 किलोमीटर तक जमीन पर दंडवत सफर तय करने के कारण उसके घुटने लहूलुहान हो गए और शरीर थककर चूर हो गया, लेकिन चेहरे पर आजादी का सुकून साफ दिख रहा था. हैरानी की बात यह रही कि इस अनोखी यात्रा में रवि के माता-पिता और दर्जनों ग्रामीण भी गाजे-बाजे और जयकारों के साथ उसके पीछे चल रहे थे. सुबह से शुरू हुई यह यात्रा शाम 6 बजे मंदिर पहुँचकर संपन्न हुई, जहां रवि ने विधि-विधान से पूजा की.
रवि ने पत्रकारों से कहा, "मैं अपनी पत्नी से बहुत पीड़ित था. छुटकारा पाने के लिए मन्नत मांगी थी, जो अब पूरी हो गई. अब मैं एकदम खुश हूं." यह घटना आज के दौर में वैवाहिक रिश्तों के गिरते स्तर और बढ़ते मानसिक तनाव का एक जीता-जागता उदाहरण है, जहां एक व्यक्ति को रिश्तों के बोझ से निकलने के लिए ईश्वरीय मन्नत का सहारा लेना पड़ा.