शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून की सक्रियता के चलते भारी बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले कई दिनों तक रुक-रुककर बारिश होने का अनुमान जताया है। विभाग ने 11 अगस्त तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही कुछ क्षेत्रों में अगले तीन घंटे के दौरान तेज बारिश होने की चेतावनी भी दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के कई जिलों में बादल छाए हुए हैं और मौसम में लगातार बदलाव देखा जा रहा है। बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सावधानी बरतने की अपील की है।
मौसम विभाग ने ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा, सिरमौर और सोलन जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। इन क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर जलभराव, सड़क अवरुद्ध होने और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की स्थिति बन सकती है।
राजधानी शिमला समेत प्रदेश के कई हिस्सों में सुबह से ही बादलों का डेरा बना हुआ है। मौसम में आए बदलाव के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, लगातार बारिश के कारण आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। लोगों को नदी-नालों और तेज बहाव वाले पानी वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। इसके अलावा संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में अनावश्यक यात्रा से बचने को कहा गया है।
अधिकारियों ने बताया कि मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक मौसम बदल सकता है। ऐसे में पर्यटकों को मौसम विभाग और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए।
भारी बारिश के दौरान सबसे ज्यादा खतरा पहाड़ी सड़कों पर रहता है। बारिश के कारण चट्टानें गिरने और सड़क धंसने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। इसे देखते हुए लोक निर्माण विभाग और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
आपदा प्रबंधन विभाग भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। संभावित आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए राहत और बचाव दलों को तैयार रखा गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी आपदा की स्थिति में तुरंत संबंधित विभाग को सूचना दें।
मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की सक्रियता के कारण प्रदेश में बारिश का सिलसिला अभी जारी रहेगा। अगले कुछ दिनों में कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण मिट्टी की पकड़ कमजोर हो जाती है, जिससे भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, नदियों और नालों में जलस्तर बढ़ने से आसपास रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा की योजना बनाएं। खासकर ऊंचाई वाले क्षेत्रों और नदी किनारे जाने से बचें।
फिलहाल हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग और प्रशासन दोनों अलर्ट मोड पर हैं। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।