Solan. सोलन। हिमाचल प्रदेश के जिला सोलन के कसौली क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और डराने वाला मामला सामने आया है। शुक्रवार को कसौली के समीप स्थित ब्रूरी गांव में उस समय हडकंप और अफरा-तफरी मच गई, जब एक आदमखोर प्रवृत्ति का तेंदुआ सडक़ किनारे स्थित जीत सिंह ठाकुर के रिहायशी मकान के अंदर घुस गया। दिन-दिहाड़े घर के भीतर तेंदुए की मौजूदगी की खबर जैसे ही गांव में फैली, आसपास के लोग खौफ के मारे अपने घरों से बाहर निकल आए। देखते ही देखते पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया और ग्रामीण अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हो उठे।
मकान में तेंदुए की एंट्री से मचा हड़कंप
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुक्रवार को सामान्य दिनों की तरह गतिविधियां चल रही थीं। तभी अचानक सडक़ मार्ग के करीब बने जीत सिंह ठाकुर के मकान में एक तेंदुए को दाखिल होते देखा गया। गनीमत यह रही कि जैसे ही तेंदुए की मूवमेंट को भांपा गया, घर के सदस्यों ने सूझबूझ दिखाई और खुद को सुरक्षित कर लिया। हालांकि, तेंदुए के घर के भीतर ही मौजूद होने के कारण पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है। गांव के लोग लाठी-डंडे लेकर अपने घरों के बाहर जमा हो गए हैं, लेकिन तेंदुए के हिंसक व्यवहार के डर से कोई भी उसके करीब जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।
शिमला से बुलाई गई विशेष रेस्क्यू टीम
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग और स्थानीय पुलिस प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की स्थानीय टीम मौके पर पहुंच गई, लेकिन तेंदुए को सुरक्षित और बिना किसी नुकसान के पकड़ने के लिए उनके पास पर्याप्त संसाधन नहीं थे। इसके बाद, वन्यजीव विंग के उच्च अधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया। वन विभाग के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार: "तेंदुए को सुरक्षित रूप से ट्रेंकुलाइज (बेहोश) कर रेस्क्यू करने के लिए शिमला से वन्यजीव विशेषज्ञों की एक विशेष टीम को तुरंत मौके के लिए रवाना कर दिया गया है। यह टीम आधुनिक पिंजरों और ट्रेंकुलाइजिंग गन से लैस है।"
प्रशासन की जनता से अपील: 'भीड़ न लगाएं, घरों में रहें'
स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मोर्चा संभाल लिया है। तेंदुए को देखने के लिए घटना स्थल पर लगातार लोगों की भीड़ जुट रही है, जो रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा बन सकती है। इसे देखते हुए प्रशासन ने कड़े निर्देश जारी किए हैं:
घरों के अंदर रहें: ब्रूरी और आसपास के गांवों के लोगों से अपील की गई है कि वे जब तक रेस्क्यू पूरा नहीं हो जाता, तब तक अपने घरों के दरवाजे बंद रखें और अंदर ही रहें।
भीड़ एकत्र न करें: सोशल मीडिया और उत्सुकता के कारण घटना स्थल पर भीड़ न लगाने की सख्त हिदायत दी गई है, क्योंकि भीड़ को देखकर तेंदुआ और अधिक आक्रामक हो सकता है।
तेंदुए के पास जाने की गलती न करें: प्रशासन ने साफ किया है कि कोई भी व्यक्ति तेंदुए की तस्वीर या वीडियो बनाने के चक्कर में उसके करीब जाने का प्रयास न करे। वन्यजीव बेहद अप्रत्याशित व्यवहार कर सकते हैं।
बढ़ता मानव-वन्यजीव संघर्ष
कसौली और सोलन के पहाड़ी इलाकों में सर्दियों और मौसम बदलने के दौरान अक्सर तेंदुए जैसे जंगली जानवर रिहायशी इलाकों का रुख कर लेते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भोजन और पानी की तलाश में ये जीव जंगलों से निकलकर इंसानी बस्तियों तक पहुंच जाते हैं। फिलहाल, पूरा गांव शिमला की टीम का इंतजार कर रहा है ताकि इस खौफनाक मेहमान को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके और लोग राहत की सांस ले सकें।