Kolkata कोलकाता: ब्रिगेड परेड ग्राउंड में रविवार को एक विशाल और ऐतिहासिक सभा आयोजित की गई, जिसमें लाखों लोग एकत्र हुए। यह सभा नई बाबरी मस्जिद के विरोध में आयोजित की गई थी। भीड़ ने सामूहिक रूप से गीता पाठ किया और पूरे मैदान को केसरिया और सफेद रंग से सजाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस कार्यक्रम में जुटी भीड़ ने तालमेल के साथ गीता के श्लोकों का जाप किया, जिससे पूरा ब्रिगेड परेड ग्राउंड मंत्रों की आवाज़ से गूंज उठा। आयोजन का उद्देश्य धार्मिक और सांस्कृतिक जागरूकता के साथ-साथ लोगों में ऐतिहासिक और सामाजिक चेतना पैदा करना बताया गया। 

सभा में शामिल लोग विभिन्न हिस्सों से आए थे और उन्होंने पारंपरिक वेशभूषा पहनकर कार्यक्रम में हिस्सा लिया। आयोजन में बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की बड़ी संख्या शामिल रही। लोगों ने शांति और अनुशासन बनाए रखते हुए गीता पाठ में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान भव्य मंच और विशेष रूप से सजाए गए पंडाल ने सभा की भव्यता को और बढ़ा दिया। इस कार्यक्रम को लेकर शहर में पहले से ही सुरक्षा और व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस और प्रशासन ने पर्याप्त संख्या में सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया ताकि आयोजन सुचारू रूप से संपन्न हो सके। इसके साथ ही, भीड़ को व्यवस्थित तरीके से मैदान में प्रवेश और बाहर जाने के लिए विशेष मार्ग बनाए गए थे। 

विशेषज्ञों और आयोजकों का कहना है कि इस तरह के बड़े पैमाने पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम समाज में एकजुटता और सांस्कृतिक चेतना बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि गीता पाठ न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य को भी सुदृढ़ करता है। सभा का यह आयोजन शहर और आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का विषय बन गया है। लोग इस विशाल भीड़ और सामूहिक गीता पाठ की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं। आयोजन में जुटी भीड़ और कार्यक्रम की भव्यता ने इसे पूरे शहर में धार्मिक और सांस्कृतिक जागरूकता का प्रतीक बना दिया है। इस प्रकार, कोलकाता का ब्रिगेड परेड ग्राउंड रविवार को गीता पाठ और सामूहिक धार्मिक जागरूकता के केंद्र में तब्दील हो गया। यह सभा न केवल धार्मिक चेतना का प्रतीक बनी, बल्कि समाज में शांति, अनुशासन और एकता का संदेश भी देती दिखी
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