Punjab. पंजाब। पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक कथित वीडियो को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए इसे पूरी तरह फर्जी और राजनीतिक साजिश का हिस्सा बताया है। बुधवार को जारी एक वीडियो संदेश में मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनके खिलाफ सुनियोजित तरीके से दुष्प्रचार किया जा रहा है और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर नकली वीडियो तैयार किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर उनके नाम और छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से कई भ्रामक वीडियो प्रसारित किए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वायरल वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति वह नहीं हैं और वीडियो को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तकनीक की मदद से तैयार किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा, "मेरी जो वीडियो वायरल की जा रही है, वह पूरी तरह नकली है। यह मेरे राजनीतिक विरोधियों की साजिश का हिस्सा है। सोशल मीडिया पर मेरे नाम से फर्जी वीडियो फैलाए जा रहे हैं। न तो उस वीडियो में मेरा कद मिलता है और न ही मेरा चलने का तरीका।" उन्होंने आरोप लगाया कि उनके विरोधी लगातार नए-नए वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर रहे हैं ताकि जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा की जा सके। हालांकि उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि पंजाब की जनता सच्चाई को समझती है।
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों दल मिलकर उनके खिलाफ अभियान चला रहे हैं। उनके अनुसार, यह एक राजनीतिक गठजोड़ का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य उनकी सरकार और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाना है। भगवंत मान ने यह भी दावा किया कि मामले से जुड़े फॉरेंसिक विशेषज्ञों पर दबाव बनाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक रिपोर्ट को प्रभावित करने और तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का प्रयास किया गया। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि फॉरेंसिक विशेषज्ञों पर हमले किए गए और उनसे मनचाही रिपोर्ट तैयार कराने का दबाव डाला गया।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार जनता के हित में लगातार काम कर रही है और इसी वजह से कुछ राजनीतिक दल असहज महसूस कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अपने शासनकाल की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े स्तर पर सुधार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, "पंजाब में स्कूल बन रहे हैं, अस्पताल बन रहे हैं और लोगों को बेहतर सुविधाएं देने का काम किया जा रहा है। मैं जनता का आदमी हूं और हमेशा लोगों के बीच रहूंगा।"
मुख्यमंत्री ने जनता से भी अपील की कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली किसी भी सामग्री पर आंख बंद कर भरोसा न करें। उन्होंने कहा कि किसी भी वीडियो या संदेश को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करनी चाहिए, क्योंकि तकनीक के इस दौर में फर्जी सामग्री तैयार करना पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सोशल मीडिया और एआई तकनीक के बढ़ते उपयोग के बीच फर्जी वीडियो और भ्रामक सामग्री एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। ऐसे मामलों में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेजी से बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान का यह बयान भी इसी बहस के केंद्र में आ गया है। फिलहाल वायरल वीडियो और उससे जुड़े विवाद को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं। वहीं मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि वह अपने पहले के रुख पर कायम हैं और इसे अपने खिलाफ रची गई साजिश मानते हैं। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।