6 पुलिसकर्मी निलंबित, लात मारने से गर्भवती महिला की मौत के आरोप के बाद बड़ा एक्शन
जानें पूरा मामला.
फिरोजाबाद: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में पुलिस की कार्रवाई के दौरान एक गर्भवती महिला की मौत का मामला सामने आया है. परिवार का आरोप है कि चोरी के मामले में एक युवक को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस ने उसकी गर्भवती पत्नी के पेट में कथित तौर पर लात मार दी. इसके बाद महिला की हालत बिगड़ गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. मामले में दो सब-इंस्पेक्टर समेत छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. मामला शिकोहाबाद क्षेत्र के लभौआ गांव का है. परिवार के मुताबिक रविवार रात करीब 11.45 बजे सब-इंस्पेक्टर धर्मपाल सिंह पुलिस टीम के साथ गौरव के घर पहुंचे. पुलिस चोरी के एक मामले में गौरव को गिरफ्तार करने आई थी.
परिवार का आरोप है कि गौरव की पत्नी अंजलि अपने पति को पुलिस के साथ ले जाने से रोकने के लिए पुलिसकर्मियों से गुहार लगा रही थी. इसी दौरान आरोप है कि सब-इंस्पेक्टर धर्मपाल सिंह ने 28 वर्षीय गर्भवती अंजलि के पेट में लात मार दी. इसके बाद वह गिर गई. परिवार के अनुसार पुलिस गौरव को अपने साथ ले गई. इसके बाद अंजलि की तबीयत बिगड़ने लगी. उसे शिकोहाबाद के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया. सोमवार सुबह अंजलि ने एक बच्चे को जन्म दिया.
प्रसव के बाद उसकी हालत और बिगड़ गई. परिवार के मुताबिक इसके बाद अंजलि को फिरोजाबाद के एक निजी अस्पताल ले जाया गया. वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. परिवार का कहना है कि अंजलि की मौत की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने गौरव को छोड़ दिया. अंजलि की मौत की खबर फैलने के बाद गांव में आक्रोश फैल गया. ग्रामीण पुलिस थाने पहुंचे और वहां हंगामा किया. लोगों ने पुलिस की कार्रवाई और गर्भवती महिला के साथ कथित व्यवहार पर सवाल उठाए.
परिवार के मुताबिक अंजलि का नवजात बेटा भी गंभीर हालत में है. उसे इलाज के लिए आगरा रेफर किया गया है. मामले में पुलिस की ओर से कार्रवाई की गई है. अपर पुलिस अधीक्षक नगर रवि शंकर प्रसाद ने बताया कि पुलिस अधीक्षक आदित्य लांघे ने सोमवार को लापरवाही के आरोप में छह पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया.
निलंबित पुलिसकर्मियों में सब-इंस्पेक्टर धर्मपाल सिंह और सत्यपाल सिंह, हेड कांस्टेबल मोहन सिंह और अरविंद कुमार तथा कांस्टेबल भवतोष कुमार और कुलदीप कुमार शामिल हैं. पुलिस अधिकारी के मुताबिक महिला के शव का पोस्टमार्टम देर रात कराया गया. इसके बाद उसी रात उसके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई. इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था. फिलहाल इस घटना ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. परिवार ने पुलिस पर जो आरोप लगाए हैं, उनके बाद छह पुलिसकर्मियों के निलंबन की कार्रवाई की गई है.