Marwahi. मरवाही। मरवाही वनमंडल के बंशीताल गांव में मंगलवार सुबह जंगल से लौट रहे एक बुजुर्ग पर भालू ने अचानक हमला कर दिया। हमले में बुजुर्ग के बाएं हाथ और कूल्हे में गंभीर चोटें आई हैं। आसपास मौजूद लोगों ने घायल को संभाला और घटना की जानकारी वन विभाग को दी। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल गौरेला भेजा गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में इलाज चल रहा है। घटना के बाद बंशीताल और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार बंशीताल निवासी रेवा लाल रोज की तरह मंगलवार सुबह जंगल की ओर गए थे। सुबह अपना काम पूरा करने के बाद वे वापस घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में झाड़ियों के बीच से अचानक एक भालू निकल आया। बुजुर्ग कुछ समझ पाते, इससे पहले ही भालू ने उन पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले के कारण रेवा लाल को संभलने या सुरक्षित स्थान की ओर भागने का मौका नहीं मिला। भालू के हमले से वे जमीन पर गिर गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके बाएं हाथ और कूल्हे के हिस्से में गंभीर चोटें आने की जानकारी दी गई है।
हमले के दौरान रेवा लाल ने मदद के लिए आवाज लगाई। उनकी चीख सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़े। लोगों की आवाजाही बढ़ने के बीच भालू जंगल के अंदर चला गया। इसके बाद ग्रामीणों ने घायल बुजुर्ग को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और वन विभाग को घटना की सूचना दी। भालू के हमले की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। घायल रेवा लाल को पहले प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया। चोटों की गंभीरता को देखते हुए उन्हें आगे के इलाज के लिए जिला अस्पताल गौरेला भेजा गया। अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार किया जा रहा है।
घटना की जानकारी गांव में फैलते ही लोगों में दहशत का माहौल बन गया। जंगल से लगे क्षेत्र में भालू की मौजूदगी के कारण ग्रामीण अब जंगल की ओर जाने से डर रहे हैं। विशेष रूप से सुबह और शाम के समय लोगों को अधिक सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वन विभाग ने घटना के बाद बंशीताल और आसपास के वन क्षेत्रों में निगरानी और गश्त बढ़ा दी है। विभाग की टीम भालू की गतिविधियों पर नजर रख रही है, ताकि वह दोबारा आबादी वाले इलाके के करीब आने पर समय रहते लोगों को सतर्क किया जा सके।
ग्रामीणों को भी जंगल में अकेले नहीं जाने की हिदायत दी गई है। वन विभाग की ओर से मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने और वन्यजीव दिखाई देने पर उसके पास नहीं जाने की सलाह दी गई है। किसी वन्यजीव की गतिविधि दिखाई देने पर इसकी सूचना तत्काल विभाग को देने के लिए कहा गया है। वन क्षेत्र से लगे गांवों में इंसानों और वन्यजीवों का आमना-सामना होने की घटनाएं जोखिम पैदा करती हैं। ऐसे में विभाग ने ग्रामीणों से सावधानी बरतने और विशेष रूप से घने जंगल तथा झाड़ियों वाले इलाकों में अकेले जाने से बचने की अपील की है। फिलहाल घायल बुजुर्ग का अस्पताल में इलाज जारी है और वन अमला क्षेत्र में निगरानी कर रहा है।
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