500 एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख, तेज हवा ने आग को फैलाया

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Update: 2026-03-28 13:21 GMT
Durg. दुर्ग। दुर्ग जिले के धमधा थाना क्षेत्र के ग्राम खिलोरा खुर्द में शनिवार को खड़ी गेहूं की फसल में अचानक भीषण आग लग गई, जिसने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। स्थानीय लोगों और अधिकारियों के अनुसार, यह आग इतनी तेज थी कि करीब 500 एकड़ में फैली गेहूं की फसल आग की चपेट में आ गई और कुछ ही घंटों में जले हुए खेतों में महीनों की मेहनत राख हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग पहले एक खेत में लगी और तेज हवा के कारण यह तेजी से पास-पड़ोस के खेतों तक फैल गई। तेज हवाओं के चलते आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया। आसपास के किसान और ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और आग बुझाने की कोशिश करने लगे। लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उनके प्रयास नाकाफी साबित हुए।

घटना की सूचना मिलते ही बोरी थाना पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों और पुलिस की संयुक्त कोशिशों के बाद कई घंटों की मशक्कत के बाद आग को फैलने से रोका जा सका। हालांकि, किसानों का लाख प्रयास करने के बावजूद उनकी फसल को बहुत नुकसान हुआ। कई किसानों ने बताया कि उन्होंने महीनों मेहनत करके फसल तैयार की थी, लेकिन कुछ ही घंटों में सब कुछ खत्म हो गया। स्थानीय किसानों और ग्रामीणों ने कहा कि हाल के समय में खेतों में आग लगने की घटनाएं बढ़ गई हैं। लगातार बढ़ती गर्मी, लापरवाही और सावधानी की कमी के कारण आग के फैलने की आशंका बढ़ गई है। हालांकि, अभी आग लगने के असली कारण का पता नहीं चल सका है। शुरुआती तौर पर तेज गर्मी या किसी तरह की लापरवाही को आग लगने का कारण माना जा रहा है।

प्रशासन ने इस घटना के बाद तुरंत जांच शुरू कर दी है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि किसानों की फसल का वित्तीय नुकसान और प्रभावित परिवारों को राहत देने के उपायों पर काम किया जाएगा। साथ ही ग्रामीणों को आग से बचाव के लिए सावधानी बरतने और अग्नि सुरक्षा उपाय अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों का कहना है कि फसल जलने से उनकी आमदनी पर गंभीर असर पड़ेगा। कई किसानों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता की उम्मीद जताई है, ताकि वे नए सत्र में फसल तैयार कर सकें। इस बीच ग्रामीणों और स्थानीय मीडिया ने आग लगने की तस्वीरें और वीडियो साझा किए, जिसमें आग की भयावहता स्पष्ट देखी जा सकती है। घटना ने इलाके में सुरक्षा और खेती के प्रति जागरूकता की आवश्यकता को भी उजागर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती गर्मी और खेतों में आग लगने की घटनाओं से निपटने के लिए किसानों को नियमित निगरानी, सुरक्षित फसल भंडारण और आग बुझाने के उपकरण रखने की आवश्यकता है।
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