हापुड़ : ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी पर वर्ष 2022 में हुए जानलेवा हमले के मामले में गुरुवार को हापुड़ की अदालत में उनकी गवाही दर्ज की गई। ओवैसी करीब दो घंटे तक न्यायालय में मौजूद रहे। उनकी गवाही पूरी होने के बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 8 सितंबर 2026 की तारीख निर्धारित की है।
सांसद ओवैसी के हापुड़ पहुंचने को देखते हुए कचहरी परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। कचहरी रोड और न्यायालय परिसर को छावनी में बदल दिया गया। पुलिस और पीएसी के जवानों की तैनाती के बीच ओवैसी को अदालत तक लाया गया। वह सुबह करीब साढ़े दस बजे न्यायालय पहुंचे और कार्यवाही पूरी होने के बाद वहां से रवाना हो गए। इस दौरान उन्होंने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की।
 चुनाव प्रचार से लौटते समय हुआ था हमला
असदुद्दीन ओवैसी पर तीन फरवरी 2022 को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान हमला हुआ था। वह मेरठ में चुनाव प्रचार करने के बाद दिल्ली लौट रहे थे। इसी दौरान पिलखुवा थाना क्षेत्र में दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या नौ पर छिजारसी टोल प्लाजा के पास हमलावरों ने उनकी कार को निशाना बनाकर कथित रूप से ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं।
हमले में ओवैसी सुरक्षित बच गए थे। उन्होंने घटना की जानकारी उस समय अपने ट्विटर अकाउंट के माध्यम से साझा की थी। घटना सामने आने के बाद पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी थी। ओवैसी की कार और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान और तलाश की गई थी।
पुलिस ने मामले में गौतमबुद्धनगर के बादलपुर निवासी सचिन और उसके साथी शुभम को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की गई। इसके बाद अदालत में आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया। इस मामले की सुनवाई हापुड़ की अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय शेष बहादुर की अदालत में चल रही है।
 ओवैसी की गवाही पूरी
एआईएमआईएम प्रमुख के अधिवक्ता आरिफ ने बताया कि गुरुवार को असदुद्दीन ओवैसी की गवाही पूरी हो गई। करीब दो घंटे तक चली न्यायिक प्रक्रिया के दौरान घटना से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर उनका बयान दर्ज किया गया।
अधिवक्ता के अनुसार इस मामले में यामीन माजिद और शौकत की गवाही पहले ही हो चुकी है। मुकदमे में अभी करीब 40 से 45 अन्य गवाहों की गवाही होना बाकी है। अदालत अब आगामी तारीखों पर अन्य गवाहों के बयान दर्ज कर सकती है। मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर 2026 को होगी।
कचहरी परिसर में तैनात रही पीएसी
ओवैसी के न्यायालय पहुंचने के कारण पुलिस प्रशासन ने पहले से व्यापक सुरक्षा योजना तैयार की थी। कचहरी जाने वाले रास्तों पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया और न्यायालय परिसर में आने-जाने वालों पर निगरानी रखी गई। सुरक्षा कारणों से परिसर के कई स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया था।
अपर पुलिस अधीक्षक विनीत भटनागर ने सुरक्षा व्यवस्था की कमान स्वयं संभाली। सीओ सिटी अनीता चौहान, सीओ यातायात दीपक चतुर्वेदी और सीओ पिलखुवा मुनीश चंद्र भी मौके पर मौजूद रहे। इसके अलावा कोतवाली प्रभारी, बाबूगढ़ थाना प्रभारी, कई निरीक्षक और बड़ी संख्या में पुलिस तथा पीएसी के जवान तैनात किए गए थे।
पुलिस अधिकारियों ने कचहरी परिसर और आसपास के मार्गों का निरीक्षण भी किया। यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो और न्यायालय की सामान्य कार्यवाही सुरक्षित तरीके से चलती रहे, इसके लिए यातायात पुलिस को भी जिम्मेदारी दी गई थी। ओवैसी के न्यायालय परिसर से निकलने तक पुलिस बल तैनात रहा।
करीब चार साल पुराने इस मामले में सांसद की गवाही पूरी होना मुकदमे की सुनवाई का महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है। हालांकि, कई अन्य गवाहों के बयान अभी दर्ज होने बाकी हैं। सभी गवाहों की गवाही और अन्य न्यायिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद अदालत मामले में अपना निर्णय सुनाएगी।
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