Guna. गुना। गुना शहर में एक बड़ा ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है, जहां एक व्यापारी के बेटे को सस्ते दामों पर शेयर खरीदकर भारी मुनाफा कमाने का लालच देकर करीब 50 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। यह मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है, जहां पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, मठकरी कॉलोनी निवासी व्यापारी श्याम पुत्र चोखरमल अग्रवाल (53) ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उनके बेटे आयुष अग्रवाल को एक फर्जी क्रिप्टो करंसी कंपनी की ओर से निवेश का झांसा दिया गया था। 26 जून 2025 को आयुष के मोबाइल पर एक मैसेज आया, जिसमें कम कीमत पर शेयर खरीदने और कुछ ही समय में भारी मुनाफा कमाने का दावा किया गया था। इसी लालच में आकर आयुष इस ऑनलाइन जाल में फंस गया।
इसके बाद ठगों ने उसे अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया। आरोपी लगातार उसे एचडीएफसी, एक्सिस बैंक और एसबीआई जैसे बैंकों के अलग-अलग खातों में रकम भेजने को कहते रहे। 26 जून से 1 जुलाई 2025 के बीच मात्र 5 से 6 दिनों में पीड़ित से कुल 49 लाख 47 हजार 264 रुपये विभिन्न खातों में जमा करवा लिए गए। ठग हर बार नए खाते का नंबर भेजते थे और कभी 50 हजार, कभी 3 लाख, तो कभी 12 लाख रुपये की बड़ी रकम ट्रांसफर करवा लेते थे। शुरुआत में जब निवेश पर रिटर्न दिखाया गया, तो पीड़ित को भरोसा हो गया कि यह वास्तविक निवेश है। लेकिन जब उसने अपनी पूरी राशि निकालने की कोशिश की, तो उसे सफलता नहीं मिली। इसी दौरान कंपनी की तरफ से उसे और 50 हजार रुपये जमा करने का मैसेज भेजा गया, जिससे उसे शक हुआ।
इसके बाद आयुष ने आगे पैसा डालने से इनकार कर दिया और अपनी पूरी राशि वापस मांगने लगा। लेकिन कुछ ही समय बाद कंपनी की ओर से सभी संपर्क बंद कर दिए गए और पोर्टल भी काम करना बंद कर दिया। जब लंबे समय तक कोई जवाब नहीं मिला, तब उसे ठगी का एहसास हुआ। पीड़ित ने पूरी घटना अपने पिता को बताई, जिसके बाद परिवार ने तुरंत कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह गिरोह किन-किन खातों और नेटवर्क के जरिए काम कर रहा था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में यह मामला साइबर फ्रॉड का प्रतीत हो रहा है, जिसमें संगठित गिरोह लोगों को फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म के जरिए ठगते हैं। पुलिस बैंक खातों की डिटेल, मोबाइल नंबर और डिजिटल लेनदेन की जांच कर रही है। इस घटना के बाद शहर में साइबर ठगी को लेकर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में लोग जल्दी मुनाफे के लालच में बिना जांच-पड़ताल के पैसे निवेश कर देते हैं, जिससे वे ठगी का शिकार बन जाते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान निवेश प्लेटफॉर्म या मैसेज पर भरोसा न करें और किसी भी तरह का लेनदेन करने से पहले पूरी जांच जरूर करें। साथ ही संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत साइबर सेल को देने की सलाह दी गई है। यह मामला एक बार फिर दर्शाता है कि डिजिटल निवेश के नाम पर चल रहे साइबर अपराध कितने संगठित और खतरनाक रूप ले चुके हैं।