Delhi दिल्ली। राजधानी दिल्ली के रोहिणी इलाके में फिल्म ‘स्पेशल 26’ की तर्ज पर फर्जी सीबीआई रेड की कोशिश का मामला सामने आया है। एक कारोबारी के घर पर कुछ लोग खुद को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) का अधिकारी बताकर पहुंचे और तलाशी लेने की कोशिश की। हालांकि, कारोबारी की पत्नी की सूझबूझ और सतर्कता के चलते यह कथित फ्रॉड नाकाम हो गया। शिकायत के मुताबिक, करीब 8 से 10 लोगों का एक गिरोह कारोबारी के घर पहुंचा था। आरोप है कि इन लोगों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए घर की तलाशी लेने की बात कही। उन्होंने परिवार पर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन महिला ने बिना उचित दस्तावेज और पहचान पत्र देखे घर का गेट खोलने से इनकार कर दिया।
परिवार के अनुसार, संदिग्ध लोग खुद को अधिकारी बताते हुए करीब डेढ़ घंटे तक घर के बाहर खड़े रहे। इस दौरान उन्होंने कई बार अंदर आने की कोशिश की, लेकिन महिला अपने फैसले पर अड़ी रही। घटना की जानकारी मिलने पर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। पड़ोसियों ने भी संदिग्ध लोगों से उनकी पहचान और कार्रवाई से जुड़े दस्तावेज दिखाने को कहा। जब उनसे सर्च वारंट और अधिकार-पत्र की कॉपी मांगी गई तो आरोपियों ने कहा कि सभी दस्तावेज उनकी गाड़ी में रखे हुए हैं।
आरोप है कि दस्तावेज लाने का बहाना बनाकर सभी संदिग्ध लोग मौके से फरार हो गए। इसके बाद परिवार ने तुरंत पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर कॉल कर मामले की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शिकायतकर्ता परिवार का आरोप है कि आरोपी पूरी तैयारी के साथ आए थे। संदिग्ध लोगों ने सीबीआई के प्रतीक चिन्ह वाले कपड़े पहन रखे थे और खुद को सीबीआई अधिकारी बताने वाले पहचान पत्र भी दिखाए थे।
मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब परिवार को व्हाट्सऐप के जरिए एक कथित नोटिस भेजा गया। इस नोटिस पर सीबीआई डायरेक्टर का नाम और हस्ताक्षर होने का दावा किया गया था। हालांकि बाद में यह मैसेज डिलीट कर दिया गया, लेकिन परिवार ने समय रहते उसका स्क्रीनशॉट सुरक्षित कर लिया। परिवार ने पुलिस को वह स्क्रीनशॉट सौंप दिया है और आरोप लगाया है कि नोटिस पूरी तरह फर्जी था। आरोपियों ने असली जांच एजेंसी की कार्रवाई जैसा माहौल बनाकर परिवार को डराने और ठगी करने की कोशिश की।
पूरी घटना घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हो गई है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज, व्हाट्सऐप नोटिस और अन्य सबूतों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह का मकसद क्या था और क्या इससे पहले भी उन्होंने किसी अन्य व्यक्ति को इसी तरह निशाना बनाया है। शुरुआती तौर पर मामला फर्जी अधिकारी बनकर धोखाधड़ी करने की कोशिश से जुड़ा माना जा रहा है।
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