बाल यौन शोषण सामग्री रखने के आरोप में 49 वर्षीय व्यक्ति गिरफ्तार
बड़ी गिरफ्तारी
महाराष्ट्र: साइबर ने ऑनलाइन बाल यौन शोषण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मुंबई में 49 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से कथित तौर पर 20,000 से अधिक तस्वीरें और वीडियो बरामद किए गए हैं, जिनमें बाल यौन शोषण एवं उत्पीड़न सामग्री (सीएसईएएम) मौजूद थी। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सैफुद्दीन जमीर उद्दीन मलिक के रूप में हुई है, जो मुंबई के मालाड (पश्चिम) इलाके का रहने वाला है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, महाराष्ट्र साइबर कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, डिजिटल खुफिया जानकारी के आधार पर जांच के बाद उसे मालाड से गिरफ्तार किया गया।
यह कार्रवाई महाराष्ट्र साइबर की तीन विशेष इकाइयों सीसीपीडब्ल्यूसी, ओसीडब्ल्यूसी और ट्रेस द्वारा डिजिटल प्लेटफॉर्म की लगातार निगरानी के बाद की गई। निगरानी के दौरान साइबर टीमों को एक ऐसे व्यक्ति के बारे में सूचना मिली थी जो कथित तौर पर बाल यौन शोषण से जुड़ी सामग्री डाउनलोड और संग्रहित कर रहा था। तकनीकी विश्लेषण और साइबर इंटेलिजेंस टूल्स की मदद से जांचकर्ताओं ने संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाया और आरोपी की पहचान स्थापित की।
इसके बाद महाराष्ट्र साइबर के नोडल साइबर पुलिस स्टेशन में एफआईआर संख्या 88/2026 दर्ज की गई। मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 294, पॉक्सो अधिनियम, 2012 की धारा 15 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67(बी) के तहत दर्ज किया गया। जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन से कथित तौर पर 20,000 से अधिक आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बरामद किए गए।
पुलिस अब फॉरेंसिक जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह सामग्री कहां से प्राप्त हुई, इसे कैसे डाउनलोड किया गया और क्या इसे किसी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से आगे साझा या प्रसारित भी किया गया था। महाराष्ट्र साइबर ने दोबारा स्पष्ट किया है कि बाल यौन शोषण सामग्री को डाउनलोड करना, रखना, संग्रहित करना, साझा करना या प्रसारित करना एक गंभीर अपराध है। विभाग ने लोगों से ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने की अपील की है।
लोग इस तरह की घटनाओं की शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से या साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके कर सकते हैं। महाराष्ट्र साइबर के अनुसार, अब तक विभाग 5.67 लाख साइबर टिपलाइन रिपोर्टों और 31,000 ऑनलाइन बाल शोषण संबंधी शिकायतों पर कार्रवाई कर चुका है।