बाप रे! 2000 से ज्यादा करोड़ की ठगी, ठग ऐसे पुलिस के हत्थे चढ़े

जानें पूरा मामला.

Update: 2025-06-21 11:24 GMT
भोपाल: मध्य प्रदेश एसटीएफ ने ठगी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 2 आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया है. इन दोनों शातिर ठगों ने सात राज्यों में निवेशकों से ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट के नाम पर करीब 2283 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया था. इस पूरे मामले की शुरुआत इंदौर से हुई थी.
इंदौर निवासी ईशान सलूजा नाम के फरियादी ने एसटीएफ को शिकायत की थी कि उसके साथ योर्कर एफएक्स (Yorkar FX), योर्कर कैपिटल (YORKER CAPITAL) नाम की कंपनी में बॉटब्रो (BOTBRO) में निवेश करने पर 6-8 प्रतिशत प्रतिमाह का निश्चित मुनाफा देने के नाम पर कुल 20 लाख 18 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गयी है.
एसटीएफ ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की तो पाया कि आरोपी गैर पंजीकृत योर्कर एफएक्स, योर्कर कैपिटल नाम की कंपनी में बॉटब्रो ट्रेडिंग से अधिक मुनाफा देने का लालच देकर धोखाधड़ी करते थे. ठगी से मिली रकम को डॉलर में कन्वर्ट कर फोरेक्स मार्केट में ट्रेडिंग करते थे. बताया जाता है कि आरोपियों के संदिग्ध बैंक खातों में जमा राशि लगभग 90 करोड़ रुपये है. जिसे एसटीएफ ने फ्रीज कर दिए हैं.
एसटीएफ ने जांच में पाया कि दिल्ली के 2 आरोपियों द्वारा अपने अन्य साथियों के साथ फरियादी ईशान सलूजा से योर्कर एफएक्स, योर्कर कैपिटल नाम की कंपनी द्वारा BOTBRO में निवेश करने पर प्रतिमाह 6-8 प्रतिशत का निश्चित मुनाफा देने का प्रलोभन दिया. इसके बाद रेनेट टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड (RAINET TECHNOLOGY PVT LTD) के बैंक खाता में 10000 रुपये और किंडेंट बिजनेस सॉल्यूशंस (KINDENT BUSSINESS SOLUTION) के बैंक खाता में 8000 रुपये जमा करवाये.
इसके बाद दोनों आरोपी दिल्ली की फ्लाइट लेकर इंदौर पहुंचे. इसके बाद फरियादी से 20 लाख रुपये निवेश के नाम पर नकद लेकर कुल 2018000 रुपये की धोखाधड़ी की. इस ममले में कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों दीपक शर्मा और मदन मोहन कुमार को गिरफ्तार किया गया है. आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडू, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, असम में लोगों से इन्हीं कंपनियों में निवेश के नाम पर ठगी की है.
आरोपियों द्वारा रेनेट टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड और किंडेंट बिजनेस सॉल्यूशंस कंपनी के बैंक खाते में बॉटब्रो के नाम से राशि प्राप्त की जाती थी. इस राशि को बॉटब्रो के मेटा-5 अकाउंट में USD (S) के रूप में दिखाया जाता था एवं करेंसी कन्वर्ट करके फोरेक्स मार्केट में ट्रेडिंग किया जाता था. इस सम्बन्ध में ED (प्रवर्तन निदेशालय, भारत सरकार) द्वारा भी FEMA एक्ट अंतर्गत जांच की जा रही है. वर्तमान में बॉटब्रो की लिंक botbro.biz सक्रिय नहीं है. जबकि किंडेंट बिजनेस सॉल्यूशंस द्वारा अपने वर्ष 2023-24 में MCA को ट्रायल बैलेंस 1 करोड़ 10 लाख रुपये होना बताया गया है.
हालांकि, कंपनी के बैंक खातों में जनवरी 2023 से दिसम्बर 2024 की अवधि में लगभग 7 अरब 2 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त होना ज्ञात हुई है. इसके अलावा रेनेट टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा वर्ष 2023-24 में MCA को ट्रायल बैलेंस 7 करोड़ 80 लाख रुपये लगभग होना बताया गया है. जबकि कंपनी के बैंक खातों में जनवरी 2023 से दिसम्बर 2024 की अवधि में लगभग 15 अरब 80 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त होना ज्ञात हुई है.
इन कंपनियों से 16 बैंक खातों में लगभग 22 अरब 83 करोड़ रुपये प्राप्त हो कर अन्य खातों में ट्रांसफर होना पाया गया. फिलहाल कंपनियों के विभिन्न बैंकों में संचालित 20 से अधिक संदिग्ध बैंक खातों में जमा राशि लगभग 90 करोड़ रुपये को फ्रीज किया गया है.
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