21 वर्षीय युवती ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, आखिरी वीडियो कॉल और कहा- खुश रहना

Update: 2026-04-23 11:31 GMT
Indore. इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में एक 21 वर्षीय युवती द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। घटना परदेशीपुरा थाना क्षेत्र के जनता क्वार्टर की है, जहां रहने वाली नम्रता नाम की युवती ने अपने घर में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। जानकारी के अनुसार, आत्महत्या से ठीक पहले युवती ने अपने एक युवक दोस्त को वीडियो कॉल किया था। हालांकि, जब उस कॉल को रिसीव नहीं किया गया तो उसने उसी दोस्त को ‘खुश रहना’ लिखकर एक अंतिम संदेश भेजा। इसके कुछ ही समय बाद उसने आत्मघाती कदम उठा लिया।
घटना की जानकारी मिलते ही परदेशीपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक कार्रवाई के तौर पर पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने युवती का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है, जिसमें मौजूद चैट, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मोबाइल डेटा से आत्महत्या के पीछे की परिस्थितियों को समझने में मदद मिल सकती है।
बताया जा रहा है कि नम्रता एक निजी कंपनी में काम करती थी, जो शेयर मार्केट से संबंधित कार्यों से जुड़ी हुई थी। इसी दौरान उसकी पहचान एक युवक से हुई थी, जिससे उसकी दोस्ती भी हो गई थी। हालांकि, पुलिस अभी इस संबंध को लेकर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है और सभी पहलुओं की जांच कर रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, युवती सामान्य रूप से अपने काम पर जाती थी और उसके व्यवहार में कोई बड़ी असामान्यता पहले नजर नहीं आई थी। अचानक इस तरह की घटना से परिवार और आसपास के लोग सदमे में हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर एंगल से जांच की जा रही है, जिसमें व्यक्तिगत संबंध, मानसिक स्थिति और अन्य कारणों को शामिल किया गया है। परिजनों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। फिलहाल शव का पोस्टमार्टम कराया जा चुका है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह सामने लाई जा सकेगी। इस घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है और लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि युवा वर्ग में तनाव और मानसिक दबाव के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
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