तेलंगाना विधानसभा में हंगामा, BRS के कई विधायक मॉनसून सत्र की बाकी अवधि के लिए निलंबित
हैदराबाद। तेलंगाना विधानसभा के मॉनसून सत्र में बुधवार को भारी हंगामा देखने को मिला। सदन की कार्यवाही बाधित करने और विरोध प्रदर्शन करने के आरोप में भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कई सदस्यों को सत्र की बाकी अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही BRS विधायक अपनी मांगों को लेकर विरोध करते हुए वेल में पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। उन्होंने ‘हमें न्याय चाहिए’ जैसे नारे लगाए, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदस्यों से अपनी सीटों पर लौटने की अपील की।
वेल में पहुंचकर किया विरोध प्रदर्शन
बुधवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही समय बाद BRS के कई सदस्य सदन के बीच वाले हिस्से यानी वेल में आ गए। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया।
विधायकों के इस विरोध के कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई। विधानसभा अध्यक्ष ने कई बार सदस्यों से शांति बनाए रखने और सदन की मर्यादा बनाए रखने की अपील की, लेकिन विरोध जारी रहा।
कार्यवाही में बाधा का आरोप
सत्तापक्ष की ओर से आरोप लगाया गया कि BRS सदस्यों ने जानबूझकर सदन की कार्यवाही में बाधा डालने की कोशिश की। सरकार का कहना था कि विधानसभा चर्चा और जनहित के मुद्दों पर बहस के लिए है, लेकिन हंगामे के कारण कामकाज प्रभावित हुआ।
इसके बाद विधानसभा में निलंबन का प्रस्ताव लाया गया और कई BRS सदस्यों को मॉनसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया।
BRS का विरोध जारी
BRS नेताओं ने निलंबन की कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि वे जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने की कोशिश कर रहे थे और सरकार उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
पार्टी सदस्यों ने कहा कि विपक्ष का काम सरकार से सवाल पूछना और जनता की समस्याओं को सदन के सामने रखना है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज सुनने के बजाय कार्रवाई कर रही है।
विधानसभा की गरिमा बनाए रखने पर जोर
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सदन की कार्यवाही नियमों के अनुसार चलनी चाहिए। सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि वेल में आकर नारेबाजी करना और कार्यवाही में बाधा डालना विधानसभा की परंपराओं के खिलाफ है।
सत्र के दौरान बढ़ी राजनीतिक गर्मी
तेलंगाना विधानसभा का मॉनसून सत्र राजनीतिक रूप से काफी सक्रिय बना हुआ है। सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच कई मुद्दों को लेकर मतभेद देखने को मिल रहे हैं।
BRS लगातार सरकार की नीतियों और फैसलों को लेकर सवाल उठा रही है, जबकि सरकार का कहना है कि विपक्ष को चर्चा के माध्यम से अपनी बात रखनी चाहिए।
विपक्ष और सरकार के बीच टकराव
तेलंगाना की राजनीति में कांग्रेस सरकार और BRS के बीच लगातार राजनीतिक टकराव देखने को मिल रहा है। विधानसभा में भी इसका असर दिखाई दे रहा है।
बुधवार की घटना इसी राजनीतिक खींचतान का हिस्सा मानी जा रही है, जहां विपक्ष ने विरोध का रास्ता अपनाया और सरकार ने सदन की व्यवस्था बनाए रखने के लिए निलंबन की कार्रवाई की।
आगे की रणनीति पर नजर
BRS नेताओं के निलंबन के बाद अब पार्टी की अगली रणनीति पर नजर रहेगी। पार्टी इस मुद्दे को लेकर सदन के बाहर भी विरोध कर सकती है।
वहीं, सरकार का कहना है कि विधानसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाना जरूरी है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
तेलंगाना विधानसभा में हुए इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में एक बार फिर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बढ़ती दूरी को सामने ला दिया है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच टकराव कम होता है या राजनीतिक माहौल और गरमाता है।