Bhilwara. भीलवाड़ा। भीलवाड़ा डीएसटी और साइबर टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने 21 अप्रैल 2024 को हरियाणा पुलिस पर हमला किया था। इन दोनों पर पहले से 5-5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। मांडल थाने के एएसआई रविंद्र सिंह ने बताया कि हरियाणा के सिरसा जिले के सदर थाना के हुकुमचंद ने एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हुकुमचंद और उनके कंपनी के जवान 21 अप्रैल 2024 को चुनाव ड्यूटी के लिए चित्तौड़गढ़ जा रहे थे। रास्ते में वे रात 11:30 बजे भीलवाड़ा बाईपास के पास स्थित आशीर्वाद होटल में खाना खाने रुके थे।
जैसे ही हुकुमचंद काउंटर पर बैठे व्यक्ति से बातचीत कर रहे थे और खाना का हिसाब कर रहे थे, 8-10 बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया। उन्होंने बताया कि हमला इतना भयंकर था कि उनके जवानों को बीच बचाव बस में करना पड़ा। इस दौरान बदमाशों ने बस पर भी पत्थर फेंके। इस घटना के बाद भीलवाड़ा पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया। प्रारंभिक जांच में 10 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था। अब डीएसटी और साइबर टीम की संयुक्त कार्रवाई में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में लक्ष्मी नारायण उर्फ लक्ष्मण (32) पुत्र सुखदेव गुर्जर और मुकेश (32) पुत्र जय देव गुर्जर, दोनों निवासी विजयनगर शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि इन दोनों पर हमला करने का आरोप है और उन्हें कानून के तहत कार्रवाई के लिए हिरासत में लिया गया है।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पिछले कई महीनों से सघन जांच और सर्विलांस की गई। डीएसटी और साइबर टीम ने मिलकर आरोपियों के ठिकानों की जांच की और उन्हें गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि इनकी गिरफ्तारी से इस मामले में अभी तक पकड़े गए सभी आरोपियों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने स्थानीय लोगों और नागरिकों को आश्वासन दिया कि सुरक्षा बलों के साथ मारपीट और हमले करने वाले अपराधियों के खिलाफ कोई भी ढील नहीं बरती जाएगी।
आरोपियों की गिरफ्तारी से पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि जनता और सुरक्षा बलों के बीच सहयोग से ऐसे अपराधियों को सजा दिलाना संभव है। अधिकारियों ने कहा कि इस मामले में सभी आरोपी न्यायालय में पेश किए जाएंगे और जल्द ही कानूनी कार्रवाई पूरी की जाएगी। भीलवाड़ा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अगर उन्हें ऐसे किसी भी संदिग्ध गतिविधि के बारे में जानकारी हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने कहा कि किसी भी तरह की जानकारी छिपाने से अपराधियों को बचाने में मदद मिल सकती है और इसका निवारण करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस घटना ने यह दिखाया कि चुनाव ड्यूटी पर गए पुलिस जवानों और अधिकारियों पर हमला करना कितना गंभीर अपराध है। पुलिस ने बताया कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी और अपराधियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा।