Arunachal Pradesh अरुणाचल प्रदेश: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) से जुड़े 17 करोड़ रुपये से अधिक के लंबित भुगतान को जारी कराने के बदले कथित तौर पर 2.40 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। निर्जुली के पुलिस अधीक्षक (SP) नयेलम नेगा ने बताया कि शिकायतकर्ता टायो टालोम रेंडिंग ने PMGSY से जुड़े लंबित भुगतान को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कुछ लोगों ने इस स्थिति का गलत फायदा उठाने की कोशिश की।
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत और एफआईआर में तीन लोगों के नाम बताए हैं। इनमें टोलुक लोम्बी, श्रीमती दुबी अटे और राजेश कुमार सिंह शामिल हैं। आरोप है कि इन लोगों ने 17 करोड़ रुपये से अधिक के लंबित भुगतान को जारी कराने के लिए करीब 2.40 करोड़ रुपये की मांग की। एसपी नयेलम ने बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर दावा किया था कि राजेश कुमार सिंह के राज्य और केंद्र सरकारों में संपर्क हैं और वह लंबित भुगतान को जारी करवा सकते हैं। इसी प्रभाव और पहुंच का हवाला देकर कथित रूप से पैसे की मांग की गई।
पुलिस ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच एजेंसियां अब आरोपों की सत्यता, कथित संपर्कों और पैसों की मांग से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। PMGSY ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क सुधारने के लिए केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं में शामिल है। इस योजना से जुड़े बड़े भुगतान को लेकर सामने आए इस मामले ने प्रशासनिक हलकों में चर्चा बढ़ा दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में उपलब्ध दस्तावेजों, शिकायतकर्ता के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि कथित रूप से रिश्वत मांगने के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है। अरुणाचल प्रदेश पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आरोपों से जुड़े सभी पक्षों से पूछताछ की जा रही है।
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