Delhi दिल्ली। दिल्ली के नरेला इलाके में प्रॉपर्टी डीलर प्रमोद कुमार की दिनदहाड़े हुई हत्या के मामले में सनसनीखेज CCTV फुटेज सामने आया है। फुटेज में हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी बाइक से फरार होते नजर आ रहे हैं। वीडियो में एक संदिग्ध के हाथ में पिस्तौल भी दिखाई दे रही है। वारदात के 48 घंटे से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस ने हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच तेज कर दी है। नरेला पुलिस और स्पेशल स्टाफ की चार टीमें CCTV फुटेज, स्थानीय जानकारी और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।
जानकारी के मुताबिक, नरेला के बकनेर इलाके में दिल्ली अस्पताल के पास 3 सितंबर की सुबह करीब 6:50 बजे 42 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर प्रमोद कुमार जिम से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार दो हमलावरों ने उन्हें निशाना बना लिया। हमलावरों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने प्रमोद कुमार पर कई राउंड गोलियां चलाईं। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। पुलिस को घटनास्थल से 15 खाली कारतूस बरामद हुए हैं। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि हमलावरों ने पूरी तैयारी के साथ वारदात को अंजाम दिया था।
हत्या के बाद सामने आए CCTV फुटेज में आरोपी मोटरसाइकिल से तेजी से भागते दिखाई दे रहे हैं। फुटेज में एक आरोपी के हाथ में पिस्तौल नजर आ रही है। पुलिस अब इस वीडियो के जरिए आरोपियों के भागने के रास्ते और उनकी पहचान करने में जुटी है। घटना के बाद मृतक के परिवार और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। गुस्साए परिजनों और लोगों ने सड़क जाम कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को कार्रवाई का भरोसा दिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान आसपास लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है। इसके अलावा स्थानीय लोगों से पूछताछ कर हमलावरों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस मामले में नरेला थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 109(1), 351(2), 3(5) और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस हत्या के पीछे आपसी रंजिश, कारोबारी विवाद या अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है। फिलहाल CCTV फुटेज पुलिस के लिए अहम सबूत बन गया है। अब जांच एजेंसियों की कोशिश है कि फुटेज में दिख रहे संदिग्धों की पहचान कर जल्द से जल्द उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचाया जाए।
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