मीरजापुर : अहरौरा थाना क्षेत्र के भगौती देई स्थित क्रशर प्लांट में हुए दर्दनाक खनन हादसे में जान गंवाने वाले चार मजदूरों के शव रविवार सुबह उनके गांव पहुंचे। मृतकों के शव पहुंचते ही पूरे गांव में मातम छा गया। जिन परिवारों की आंखें रातभर अपनों के लौटने का इंतजार कर रही थीं, उनके सामने जब शव पहुंचे तो चीख-पुकार मच गई।
हादसे में मृत मजदूरों के नाम लाल बहादुर, अशोक, राकेश और दुर्योधन बताए गए हैं। चारों मजदूर सोनभद्र जिले के जुगैल थाना क्षेत्र के बड़गांवां गांव के रहने वाले थे।
शव पहुंचते ही गांव में पसरा मातम
रविवार सुबह पुलिस की निगरानी में चारों मजदूरों के शव एंबुलेंस से गांव लाए गए।
जैसे ही एंबुलेंस गांव पहुंची और शव उतारे गए, परिवार के लोगों का धैर्य जवाब दे गया। परिजनों की चीख-पुकार से पूरा माहौल गमगीन हो गया।
ग्रामीणों ने बताया कि हादसे की खबर मिलने के बाद से ही गांव में शोक का माहौल था। लोगों को उम्मीद थी कि शायद उनके अपने सुरक्षित लौट आएंगे, लेकिन शव पहुंचने के बाद हर किसी की आंखें नम हो गईं।
अपनों को खोने का दर्द नहीं सह पाए परिजन
शवों को देखकर परिजन फूट-फूटकर रोने लगे। ग्रामीण एक-दूसरे से गले लगकर अपना दुख बांटते नजर आए।
चार परिवारों पर अचानक आए इस दुख से पूरा गांव स्तब्ध है। हादसे ने कई घरों की खुशियां छीन लीं।
ग्रामीणों का कहना है कि मृतक मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनकी मौत से परिवारों के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।
सोन नदी किनारे हुआ अंतिम संस्कार
शव गांव पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू की गई।
चारों मजदूरों के शवों को गुजरी टोला स्थित सोन नदी के किनारे ले जाया गया।
वहां लाल बहादुर, राकेश और दुर्योधन के शवों का अंतिम संस्कार किया गया।
वहीं, अशोक गोड़ के शव को उनके परिजनों ने परंपरा के अनुसार दफनाया।
क्रशर प्लांट में हुआ था हादसा
जानकारी के अनुसार, यह हादसा शनिवार को मीरजापुर के अहरौरा थाना क्षेत्र के भगौती देई स्थित क्रशर प्लांट में हुआ था।
खनन कार्य के दौरान अचानक हुए हादसे में चार मजदूरों की मौत हो गई थी।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची थी और राहत कार्य शुरू किया गया था।
हादसे की जांच जारी
घटना के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
अधिकारियों की ओर से हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। यह भी जांच की जा रही है कि क्रशर प्लांट में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
खनन क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
परिवारों को मदद की उम्मीद
हादसे में मजदूरों की मौत के बाद परिवारों को प्रशासन से सहायता की उम्मीद है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि मृतकों के परिवारों को आर्थिक मदद दी जाए और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए।
मीरजापुर के इस खनन हादसे ने एक बार फिर मजदूरों की सुरक्षा और खनन क्षेत्रों में सावधानियों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। चार मजदूरों की मौत से बड़गांवां गांव में लंबे समय तक इस दर्दनाक घटना की यादें बनी रहेंगी।