140 ठिकानों पर हमला? तेहरान का जवाबी एक्शन, तनाव चरम पर
अमेरिका-ईरान आमने-सामने
Amerika अमेरिका: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। रविवार को अमेरिकी सेना ने ईरान के करीब 140 सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, इन हमलों में मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट, गोला-बारूद के भंडार, संचार केंद्र तथा अन्य सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। अमेरिका का दावा है कि यह कार्रवाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक कंटेनर जहाज पर हुए हमले के जवाब में की गई, जिसमें जहाज में आग लग गई थी और चालक दल को जहाज छोड़ना पड़ा था।
अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि ईरान ने "गलत फैसला" लिया है और अब उसे इसकी कीमत चुकानी होगी। वहीं, ईरानी मीडिया के अनुसार खोर्रमाबाद में तैनात एयर डिफेंस सिस्टम ने अमेरिकी हमले के दौरान एक क्रूज मिसाइल को मार गिराने का दावा किया है। रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत, कतर और ओमान सहित खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में सैन्य कार्रवाई की है। हालांकि, इन हमलों से हुए नुकसान और हताहतों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। कुछ स्थानीय रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि जास्क बंदरगाह पर अमेरिकी हमले में ईरानी नौसेना के लेफ्टिनेंट हामिदरेजा देहघानी की मौत हो गई। इस दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
तेल और प्राकृतिक गैस की वैश्विक आपूर्ति के लिए अहम माने जाने वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। हाल ही में संघर्ष विराम और समुद्री मार्ग खोलने की उम्मीदों के बावजूद ताजा सैन्य कार्रवाई ने क्षेत्र में शांति की संभावनाओं पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब इस संघर्ष के और अधिक फैलने की आशंका को लेकर चिंतित है।