आंगनबाड़ी केंद्र से बरामद हुए घड़ों में बंद सांप, सीओ ने सेविका को लगाई फटकार

आंगनबाड़ी केंद्र के कमरे में घड़ों में कैद मिले सांप

Update: 2026-08-02 03:04 GMT

विभूतिपुर : बिहार के समस्तीपुर जिले में एक आंगनबाड़ी केंद्र से सामने आई हैरान कर देने वाली घटना ने प्रशासन के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी चौंका दिया। नियमित निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने केंद्र के एक कमरे में मिट्टी के घड़ों के अंदर कई सांप बंद पाए। इस अप्रत्याशित दृश्य को देखकर मौके पर मौजूद अधिकारी और कर्मचारी भी कुछ समय के लिए स्तब्ध रह गए। मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने तत्काल जांच शुरू कर दी और आंगनबाड़ी सेविका को कड़ी चेतावनी जारी की।

घटना उस समय सामने आई जब अंचल अधिकारी (सीओ) अन्य अधिकारियों के साथ आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान केंद्र के एक कमरे में रखे मिट्टी के घड़ों पर अधिकारियों की नजर पड़ी। जब घड़ों की जांच की गई तो उनके अंदर जीवित सांप पाए गए। इसके बाद पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सुरक्षा के मद्देनजर तत्काल आवश्यक कदम उठाए गए।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घड़ों में सांप रखे जाने की जानकारी बच्चों या अभिभावकों को नहीं थी। अधिकारियों ने इसे बेहद गंभीर लापरवाही माना, क्योंकि आंगनबाड़ी केंद्र छोटे बच्चों के लिए संचालित होता है और वहां किसी भी प्रकार का जहरीला जीव उनकी सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। यदि किसी कारणवश सांप बाहर निकल आते, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था।
निरीक्षण के दौरान सीओ ने आंगनबाड़ी सेविका से इस संबंध में जवाब मांगा। सेविका से पूछा गया कि सरकारी केंद्र के कमरे में सांपों को क्यों रखा गया और इसकी जानकारी प्रशासन को क्यों नहीं दी गई। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई और भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने केंद्र की पूरी तरह से जांच कराई। कमरे और आसपास के परिसर का निरीक्षण किया गया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वहां और कोई सांप या अन्य खतरनाक जीव मौजूद न हों। साथ ही संबंधित विभाग को भी पूरे मामले की रिपोर्ट भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों की शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण केंद्र होता है। ऐसे स्थान पर सांपों का मिलना बेहद चिंताजनक है। अभिभावकों ने मांग की है कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की नियमित जांच कराई जाए और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में बरसात के मौसम में सांपों का निकलना सामान्य बात है, लेकिन उन्हें किसी सरकारी भवन या बच्चों के केंद्र में रखना किसी भी स्थिति में उचित नहीं माना जा सकता। यदि सांपों को सुरक्षित स्थान पर ले जाना आवश्यक हो तो इसके लिए वन विभाग या प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम की सहायता ली जानी चाहिए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को सुरक्षा और स्वच्छता संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने के निर्देश भी जारी किए जाएंगे।
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी संस्थानों में नियमित निरीक्षण और सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता को उजागर किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों से जुड़े संस्थानों में समय-समय पर निरीक्षण और जोखिम मूल्यांकन किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।

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