1.4 करोड़...ठेकेदार ने खत्म की जिंदगी, सामने आई ऐसी वजह जानकर सब सन्न रह गए

जानें पूरा मामला.

Update: 2025-07-24 12:30 GMT
सांगली: सांगली जिले में एक सरकारी ठेकेदार ने बकाया भुगतान न मिलने से परेशान होकर आत्महत्या कर ली. मृतक हर्षल पाटिल, वलवा तालुका के तंदुलवाडी गांव के निवासी थे और महाराष्ट्र के जल जीवन मिशन के तहत ठेका कार्य कर रहे थे. उन्होंने अपने खेत में फांसी लगाकर जान दे दी.
जानकारी के मुताबिक, हर्षल पाटिल को राज्य सरकार से 1.4 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं मिला था. उन्होंने निजी लेनदारों से करीब 65 लाख रुपये का कर्ज लिया था, जो लगातार वसूली का दबाव बना रहे थे. इस घटना के बाद महाराष्ट्र स्टेट कॉन्ट्रैक्टर्स फेडरेशन, राज्य इंजीनियर्स संघ और महाराष्ट्र ग्रामीण जल आपूर्ति संघ ने सरकार पर नाराजगी जताई है. संगठनों ने मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता देने और राज्यभर के बकाया बिल जल्द चुकाने की मांग की है.
ठेकेदार संगठनों का कहना है कि राज्य सरकार पर करीब 90 हजार करोड़ रुपये का भुगतान बाकी है. इसमें से सिर्फ लोक निर्माण विभाग (PWD) का ही लगभग 46 हजार करोड़ रुपये का बकाया है. बिल्डर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने सरकार को कानूनी नोटिस भेजा है और हाईकोर्ट में जाने की चेतावनी दी है.
जल आपूर्ति मंत्री गुलाबराव पाटिल ने कहा कि हर्षल पाटिल के नाम से कोई सरकारी रिकॉर्ड नहीं है. वहीं उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने बताया कि एक सब-कॉन्ट्रैक्टर ने उन्हें भुगतान नहीं किया था. उन्होंने मामले की जांच और सभी लंबित भुगतान की समीक्षा का आश्वासन दिया है.
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