Ranchi रांची। सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड (CUJ) में मेस शुल्क बढ़ाए जाने और भोजन की खराब गुणवत्ता को लेकर छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। रांची के मनातू स्थित विश्वविद्यालय परिसर में बड़ी संख्या में छात्र मुख्य प्रवेश द्वार पर धरने पर बैठ गए हैं। वहीं, कुछ छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने मेस शुल्क बढ़ाने का फैसला बिना किसी पूर्व सूचना और छात्र प्रतिनिधियों से चर्चा किए लिया है। छात्रों के अनुसार, फीस बढ़ने के बावजूद मेस में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ, बल्कि पहले से अधिक खराब हो गई है। इसी को लेकर छात्रों में नाराजगी बढ़ी और उन्होंने आंदोलन का रास्ता अपनाया।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने बढ़ाई गई मेस फीस को तत्काल वापस लेने की मांग की है। इसके अलावा छात्रों ने भोजन की गुणवत्ता सुधारने, मेस का साप्ताहिक मेन्यू तय करने में छात्र प्रतिनिधियों को शामिल करने और भोजन उपलब्ध कराने वाले वेंडर की कथित लापरवाही पर कार्रवाई की मांग भी रखी है।
छात्रों का आरोप है कि मेस व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को लेकर वे पहले भी विश्वविद्यालय प्रशासन को शिकायत दे चुके हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। छात्रों का कहना है कि मेस शुल्क में बढ़ोतरी सीधे तौर पर विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ डालती है, इसलिए ऐसे फैसले लेने से पहले छात्रों से बातचीत जरूरी है।
रविवार दोपहर शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन देर रात तक जारी रहा। धीरे-धीरे बड़ी संख्या में छात्र इसमें शामिल हो गए और उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। छात्रों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारी और सुरक्षा कर्मी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर आंदोलन खत्म करने की अपील की। प्रशासन की ओर से वार्ता के जरिए समाधान निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन छात्र अपनी मांगों को लेकर लिखित आश्वासन पर अड़े रहे।
भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों ने कहा कि केवल मौखिक आश्वासन से आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि बढ़ी हुई मेस फीस वापस लेने, भोजन की गुणवत्ता सुधारने और मेस संचालन में छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित करने को लेकर स्पष्ट निर्णय होने के बाद ही वे आंदोलन समाप्त करने पर विचार करेंगे।
फिलहाल विश्वविद्यालय परिसर में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। छात्र और प्रशासन के बीच बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश जारी है।
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