Dehradun. देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव, कुंभ मेला, चारधाम यात्रा और प्रमुख धार्मिक आयोजनों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने मंगलवार को अभिसूचना एवं सुरक्षा मुख्यालय में विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आतंकवाद, सीमा सुरक्षा, सोशल मीडिया गतिविधियों और अफवाहों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। बैठक में महानिदेशक अभिसूचना एवं सुरक्षा अभिनव कुमार, आईजी एसटीएफ नीलेश आनन्द भरणे, आईजी कार्मिक सुनील कुमार मीणा, आईजी पी एंड एम बरिंदरजीत सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी जिलों के अभिसूचना प्रभारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
डीजीपी ने आतंकवाद नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर संचालित आतंकवाद निरोधी नीति ‘प्रहार’ को धरातल पर प्रभावी तरीके से लागू करने पर जोर दिया। साथ ही पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी द्वारा सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को कथित रूप से कट्टर बनाने से जुड़े इनपुट को देखते हुए जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। अन्य राज्यों के सफल ऑपरेशन का अध्ययन कर राज्य एटीएस की कार्यप्रणाली को और पेशेवर बनाने को भी कहा गया। चीन और नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे जिलों को लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए। संदिग्ध गतिविधियों, संभावित घुसपैठ और राष्ट्रविरोधी तत्वों की आवाजाही पर प्रभावी निगरानी के लिए आईटीबीपी, एसएसबी, सेना, आईबी, राज्य पुलिस और एटीएस के वरिष्ठ अधिकारियों की उच्च स्तरीय इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
आगामी विधानसभा चुनाव और बढ़ती सुरक्षा संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ VVIP कार्यक्रमों के दौरान कानून-व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम करने को कहा गया। चारधाम यात्रा में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। बैठक में आगामी कुंभ मेले तथा दूसरे बड़े धार्मिक आयोजनों के लिए पहले से ठोस सुरक्षा कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। राज्य स्थापना दिवस, नवरात्र, दशहरा और दीपावली जैसे प्रमुख अवसरों पर भी अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया।
डीजीपी ने सोशल मीडिया की निगरानी को लेकर विशेष निर्देश दिए। फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप पर भड़काऊ या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली सामग्री की निगरानी करने को कहा गया। सांप्रदायिक और संवेदनशील मामलों में फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं, एडिटेड वीडियो, डीपफेक और अफवाहों का समय रहते फैक्ट-चेक कर आधिकारिक खंडन जारी करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा प्रेसिडेंट पुलिस कलर सेरेमनी की तैयारियों, आवश्यक जनशक्ति, तकनीकी उपकरणों और दूसरे संसाधनों की व्यवस्था समय रहते पूरी करने पर भी जोर दिया गया।
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