असम में 11.6 लाख ऑनलाइन जनगणना प्रविष्टियां दर्ज की गईं, घर-घर जाकर जनगणना का चरण शुरू हुआ
Guwahati गुवाहाटी। असम में जनगणना 2027 के तहत स्व-गणना यानी सेल्फ एन्यूमरेशन (SE) का चरण पूरा हो गया है। अधिकारियों के मुताबिक 16 अगस्त को यह प्रक्रिया समाप्त होने तक राज्य के 11.64 लाख से अधिक परिवारों ने ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी जमा की। अब राज्य में घर-घर जाकर मकानों की सूची तैयार करने और आवास जनगणना का चरण शुरू हो गया है, जो 15 सितंबर तक चलेगा। असम के जनगणना संचालन निदेशक बिस्वजीत पेगू ने जनगणना संचालन निदेशालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्व-गणना चरण पूरा होने की जानकारी दी। उन्होंने इस प्रक्रिया में हिस्सा लेने और सहयोग करने के लिए राज्य के नागरिकों का आभार जताया।
अधिकारियों के अनुसार ऑनलाइन स्व-गणना में भागीदारी के मामले में कछार, श्रीभूमि और कोकराझार राज्य के तीन सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों के रूप में सामने आए हैं। इन जिलों में बड़ी संख्या में परिवारों ने डिजिटल माध्यम का इस्तेमाल कर अपनी जानकारी स्वयं दर्ज की। स्व-गणना पूरी होने के बाद जनगणना 2027 का अगला महत्वपूर्ण चरण सोमवार से पूरे असम में शुरू हो गया। इसके तहत प्रशिक्षित जनगणना कर्मचारी घर-घर पहुंचकर मकानों की सूची तैयार करेंगे और आवास से संबंधित आवश्यक जानकारी एकत्र करेंगे। यह प्रक्रिया 15 सितंबर तक जारी रहेगी।
बिस्वजीत पेगू ने कहा कि जनगणना की पूरी प्रक्रिया कोई छूटे नहीं और किसी की दोबारा गणना न हो के सिद्धांत पर संचालित की जाएगी। अधिकारियों का लक्ष्य है कि राज्य के प्रत्येक पात्र परिवार और घर की सही तरीके से गणना की जाए। उन्होंने लोगों की व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा को लेकर भी भरोसा दिलाया। अधिकारियों के मुताबिक जनगणना के दौरान एकत्र की गई जानकारी कानून के तहत सुरक्षित और गोपनीय रहती है। जनगणना अधिनियम 1948 के प्रावधानों के तहत जनगणना में दी गई व्यक्तिगत जानकारी को अदालत में सबूत के रूप में पेश नहीं किया जा सकता।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनगणना 2027 के राज्य नोडल अधिकारी और असम के सामान्य प्रशासन विभाग के अतिरिक्त सचिव पार्थ पेगू भी मौजूद रहे। उन्होंने लोगों से अपील की कि जिस तरह स्व-गणना के दौरान सहयोग किया गया, उसी तरह घर-घर होने वाली प्रक्रिया में भी जनगणना कर्मचारियों को सही और पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए। अधिकारियों का कहना है कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही एक सटीक, विश्वसनीय और व्यापक डेटाबेस तैयार किया जा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि कोई भी पात्र परिवार गणना से न छूटे और किसी परिवार की दोबारा गणना भी न हो।
असम में अब 15 सितंबर तक चलने वाले घर-घर सर्वे पर विशेष ध्यान रहेगा। इस दौरान जनगणना कर्मचारी निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक विवरण जुटाएंगे और जानकारी की गोपनीयता सुनिश्चित की जाएगी।