Patna. पटना। बिहार सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में रसोई गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है, लेकिन हाल ही में कई स्थानों पर कुछ जमाखोर गैस सिलेंडर की कृत्रिम किल्लत दिखाकर कालाबाजारी का प्रयास कर रहे थे। इस स्थिति को देखते हुए बिहार पुलिस ने राज्य स्तर पर व्यापक अभियान चलाया और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को जांच और कार्रवाई के समुचित आदेश दिए थे। इसके बाद राज्य के विभिन्न जिलों में एलपीजी सिलेंडर की अवैध भंडारण और कालाबाजारी के खिलाफ छापेमारी और कार्रवाई की प्रक्रिया तेज हो गई। अभियान के दौरान 10 प्राथमिकी दर्ज की गई और कुल 293 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए। इसके साथ ही कालाबाजारी में शामिल 12 व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
अररिया जिले में फारबिसगंज थाना क्षेत्र में सबसे ज्यादा 261 सिलेंडर जब्त किए गए और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं, शिवहर जिले के शिवहर थाना क्षेत्र में छह सिलेंडर जब्त किए गए और दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया। मधेपुरा जिले के सिंहेश्वर स्थान थाना क्षेत्र में एक आरोपी एक एलपीजी सिलेंडर के साथ पकड़ा गया। बेगूसराय जिले के लाखो थाना में 11 एलपीजी सिलेंडर के साथ एक आरोपी गिरफ्तार किया गया। सारण जिले के हरिहरनाथ थाना क्षेत्र में दो एफआईआर दर्ज की गईं और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसी जिले के नगर थाना में तीन सिलेंडर के साथ दो आरोपी गिरफ्तार किए गए। मुजफ्फरपुर जिले के मिठनपुरा थाना क्षेत्र में सात एलपीजी सिलेंडर के साथ एक आरोपी को पकड़ा गया। इसके अलावा, सिवान के मुफस्सिल थाना और कटिहार जिले के सहायक थाना क्षेत्र में गैस सिलेंडर की जमाखोरी के मामले में एक-एक एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सभी मामलों में जांच जारी है और राज्य के अन्य जिलों में भी गैस सिलेंडर की जमाखोरी को रोकने के लिए छापेमारी और निगरानी जारी है। अभियान के तहत पुलिस ने स्थानीय दुकानदारों, वितरकों और गोदामों की निगरानी तेज कर दी है ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर रोक लगाई जा सके।
बिहार पुलिस का कहना है कि यह अभियान सिर्फ कानूनी कार्रवाई तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राज्य में गैस सिलेंडर की आपूर्ति और वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भी लगातार जारी रहेगा। डीजीपी विनय कुमार ने मीडिया को बताया कि पुलिस राज्यवार निगरानी कर रही है और सभी जिलों के थानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे एलपीजी सिलेंडर की जमाखोरी, कालाबाजारी और अवैध भंडारण की सूचना पर तत्काल कार्रवाई करें। अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान राज्य सरकार की सुरक्षित और पर्याप्त गैस आपूर्ति नीति का हिस्सा है, ताकि किसी भी नागरिक को गैस सिलेंडर की कमी या कालाबाजारी का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी जमाखोर या कालाबाजारी करने वाला व्यक्ति कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई का सामना करेगा। राज्य के विभिन्न जिलों में पुलिस की लगातार छापेमारी, जब्ती और आरोपियों की गिरफ्तारी से यह संदेश गया है। बिहार सरकार और पुलिस महकमा एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए गंभीर हैं।
इस अभियान के दौरान पुलिस ने पाया कि कई आरोपी बड़े पैमाने पर एलपीजी सिलेंडर जमा करके कीमत बढ़ाने की कोशिश कर रहे थे। छापेमारी और जब्ती के दौरान सिलेंडर के साथ उनके अन्य अवैध दस्तावेज और भंडारण सामग्री भी बरामद हुई। पुलिस ने जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की गैस सिलेंडर की जमाखोरी या कालाबाजारी की सूचना तुरंत स्थानीय थाने या पुलिस हेल्पलाइन पर दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके। कुल मिलाकर, बिहार में एलपीजी गैस सिलेंडर की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए पुलिस का यह सघन अभियान राज्यवार प्रभाव डाल रहा है। 293 सिलेंडर जब्त और 12 आरोपियों की पहचान के साथ, प्रशासन ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि कोई भी व्यक्ति जनता के साथ अन्याय नहीं कर सकता और गैस आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित रहेगी। इस कार्रवाई के बाद राज्य में एलपीजी सिलेंडर की सुरक्षित आपूर्ति और जमाखोरी रोकने में काफी मदद मिलने की उम्मीद है। पुलिस और प्रशासन दोनों ने कहा कि अभियान लगातार जारी रहेगा और पूरे बिहार में लोगों को पर्याप्त गैस आपूर्ति उपलब्ध कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।