West Bengal: पश्चिम बंगाल विधानसभा ने 1909 के आबकारी अधिनियम में संशोधन करने के लिए एक विधेयक पारित किया है जिसके बाद नाइट बार में महिलाओं के काम करने पर लगी 116 साल पुरानी रोक अब हट गई है। इस बदलाव से महिलाओं को अब नाइट बार में काम करने का अवसर मिलेगा।
विधेयक का उद्देश्य
विधेयक का उद्देश्य "ओएन श्रेणी" की शराब की दुकानों में लिंग आधारित प्रतिबंधों को हटाना है। इसका सबसे बड़ा लाभ महिलाओं को मिलेगा क्योंकि अब तक महिलाओं को इन दुकानों पर काम करने की अनुमति नहीं थी। राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने इस विधेयक को विधानसभा में पेश किया और इसे सहमति से पारित किया गया। यह प्रतिबंध 1909 में लागू किया गया था जब ब्रिटिश शासन था और कोलकाता (तत्कालीन कलकत्ता) भारत की राजधानी हुआ करता था। उस समय की गई इस नीति के तहत महिलाओं को शराब की दुकानों खासकर नाइट बार में काम करने की अनुमति नहीं थी। अब इस पुराने कानून को बदलते हुए राज्य सरकार ने महिलाओं को समान अवसर देने का निर्णय लिया है।
राज्यमंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि, "हम सभी लैंगिक समानता की बात करते हैं और इस फैसले से हम इसे लागू करने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा रहे हैं।" उन्होंने यह भी बताया कि अब महिलाओं को उन स्थानों पर काम करने का मौका मिलेगा जहां पहले उनके लिए बंद दरवाजे थे।
राज्यमंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि, "हम सभी लैंगिक समानता की बात करते हैं और इस फैसले से हम इसे लागू करने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा रहे हैं।" उन्होंने यह भी बताया कि अब महिलाओं को उन स्थानों पर काम करने का मौका मिलेगा जहां पहले उनके लिए बंद दरवाजे थे।