Bangal बंगाल। त्रिणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राज्य प्रवक्ता रिजु दत्ता ने आज कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का संघर्ष लोगों के लिए है और यह किसी चुनावी राजनीति के लिए नहीं बल्कि पश्चिम बंगाल के नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए है।
रिजु दत्ता ने बताया कि ममता बनर्जी पिछले पांच दिनों से धरना पर बैठी हुई हैं, क्योंकि चुनाव आयोग के आदेशों पर बीजेपी के दबाव में कई लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर मामला है और नागरिकों के अधिकारों के उल्लंघन को दिखाता है।
टीएमसी प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि ममता बनर्जी क्रांति की प्रतीक हैं और उनका यह आंदोलन सिर्फ पार्टी के लिए नहीं, बल्कि राज्य के लोगों के हित में है। उन्होंने कहा, "ममता बनर्जी जन्म से ही क्रांति की संतान हैं और यह क्रांति लगातार चल रही है। वे पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए लड़ रही हैं।"
रिजु दत्ता ने चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाया और कहा कि इस तरह के आदेश लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के लिए खतरा हैं। उन्होंने यह भी कहा कि टीएमसी लगातार नागरिकों के हक के लिए सक्रिय आंदोलन और धरना प्रदर्शन जारी रखेगी, ताकि हर व्यक्ति को अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने का अधिकार मिल सके।
टीएमसी नेताओं ने चेताया कि यदि चुनाव आयोग और राज्य प्रशासन ने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा नहीं की, तो पार्टी सभी कानूनी और संवैधानिक उपाय अपनाने से पीछे नहीं हटेगी।
पार्टी सूत्रों के अनुसार ममता बनर्जी का धरना न केवल राजनीतिक संदेश है, बल्कि यह सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए भी एक मजबूत कदम माना जा रहा है। इस आंदोलन ने राज्य में राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है और विपक्षी दलों सहित नागरिक समाज में भी गहरी चर्चा शुरू कर दी है।