पुरुलिया। पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में रविवार को आयोजित करम परबतिया महाजुड़ुआहि (करम महोत्सव) में कुड़मी समाज का विशाल जनसमागम देखने को मिला। टामना थाना क्षेत्र के कड़ाडी फुटबॉल मैदान में आयोजित इस सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। मुख्यमंत्री के आगमन से पहले ही कड़ाडी मैदान लोगों की भीड़ से भर चुका था। भारी बारिश और खराब मौसम के बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ और बड़ी संख्या में समाज के लोग कार्यक्रम में मौजूद रहे।
बारिश के बीच भी नहीं कम हुआ उत्साह
करम महोत्सव के दौरान मौसम ने जरूर चुनौती पेश की, लेकिन लोगों की आस्था और उत्साह पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। सुबह से ही दूर-दराज के क्षेत्रों से कुड़मी समाज के लोग कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने लगे थे।
मैदान में पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे लोगों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।
सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान का आयोजन
करम महोत्सव कुड़मी समाज के लिए सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व रखने वाला आयोजन माना जाता है। इस दौरान समाज की परंपराओं, संस्कृति और विरासत को प्रदर्शित किया जाता है।
कार्यक्रम में पारंपरिक गीत-संगीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा भी हुई। आयोजन के माध्यम से समाज के लोगों ने अपनी सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं को सामने रखा।
मुख्यमंत्री की मौजूदगी से बढ़ा महत्व
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की मौजूदगी के कारण कार्यक्रम का राजनीतिक और सामाजिक महत्व भी बढ़ गया। उनके पहुंचने पर समर्थकों और समाज के लोगों ने स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में शामिल होकर समाज के लोगों से संवाद किया और आयोजन की सराहना की।
सुरक्षा के किए गए इंतजाम
बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात किया गया।
भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने पहले से तैयारी की थी।
कुड़मी समाज की बड़ी भागीदारी
कड़ाडी फुटबॉल मैदान में आयोजित इस महाजुड़ुआहि में कुड़मी समाज के लोगों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन समाज को एकजुट करने और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का माध्यम है।
लोगों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ करम पर्व मनाया और अपनी संस्कृति का प्रदर्शन किया।
प्रतिकूल मौसम में भी पहुंचे लोग
आयोजन के दौरान लगातार बारिश होती रही, लेकिन इसके बावजूद लोगों की संख्या में कमी नहीं आई। कई लोग छाता और बारिश से बचाव के साधनों के साथ कार्यक्रम में पहुंचे।
लोगों का कहना था कि करम पर्व उनके लिए आस्था और परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर है, इसलिए मौसम की कठिनाइयों के बावजूद वे कार्यक्रम में शामिल हुए।
सामाजिक एकता का संदेश
करम महोत्सव के जरिए समाज में एकता और सांस्कृतिक जुड़ाव का संदेश दिया गया। आयोजकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और संस्कृति से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने हिस्सा लिया और सामूहिक रूप से पर्व का उत्सव मनाया।
आयोजन को लेकर लोगों में उत्साह
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद भी लोगों में उत्साह नजर आया। कुड़मी समाज के लोगों ने इसे ऐतिहासिक आयोजन बताते हुए अपनी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
पुरुलिया में आयोजित करम परबतिया महाजुड़ुआहि ने एक बार फिर कुड़मी समाज की सांस्कृतिक एकजुटता और परंपराओं के प्रति आस्था को प्रदर्शित किया।