शुभेंदु अधिकारी के PA हत्याकांड में CBI की बड़ी कार्रवाई, मुख्य शूटर राजकुमार मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार

Update: 2026-05-18 15:46 GMT

West bengal: पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को बड़ी सफलता मिली है। सीबीआई ने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से मुख्य आरोपी और कथित शूटर राजकुमार को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में मुजफ्फरनगर पुलिस ने भी सीबीआई का सहयोग किया। आरोपी को मंगलवार को कोलकाता की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया जाएगा। जांच एजेंसी के अनुसार गिरफ्तार आरोपी का असली नाम राजकुमार है, लेकिन वह राज सिंह नाम से भी पहचाना जाता है। जांच में सामने आया है कि इस हत्याकांड में सबसे अहम भूमिका उसी की थी और उसे मुख्य शूटर माना जा रहा है। हालांकि, हत्या के पीछे की असली वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। सीबीआई फिलहाल इस हत्याकांड के पीछे की साजिश और संभावित कारणों की गहराई से जांच कर रही है।इस मामले में अब तक कुल चार लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इससे पहले बंगाल पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिन्हें बाद में सीबीआई हिरासत में लिया गया। इन तीनों आरोपियों को 23 मई तक सीबीआई की कस्टडी में भेजा गया है। अब मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि हत्या की पूरी साजिश का खुलासा हो सकता है।

यह सनसनीखेज हत्याकांड 6 मई की रात को हुआ था। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित हुए थे और उसके दो दिन बाद ही शुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना उस समय हुई जब चंद्रनाथ रथ उत्तरी 24 परगना जिले के मध्यग्राम स्थित अपने घर लौट रहे थे। बताया गया कि वह एक पार्टी कार्यक्रम से वापस आ रहे थे।शुरुआती जांच में सामने आया कि रथ की कार का पीछा दो मोटरसाइकिलों पर सवार बदमाश काफी देर से कर रहे थे। इसी दौरान उनकी गाड़ी एक चारपहिया वाहन से टकराकर रुकी। जैसे ही वाहन रुका, एक मोटरसाइकिल उनकी कार के पास आकर रुकी और उस पर बैठे हमलावर ने बेहद करीब से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।रिपोर्ट्स के मुताबिक हमलावर ने करीब 10 गोलियां चलाईं। गोली लगने से चंद्रनाथ रथ की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, उनके ड्राइवर बुद्धदेव बेरा गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत में अब तेजी से सुधार हो रहा है। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। राजनीतिक रूप से संवेदनशील इस हत्याकांड को लेकर विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच बाद में सीबीआई को सौंप दी गई। अब मुख्य शूटर की गिरफ्तारी के बाद माना जा रहा है कि जांच एजेंसी को हत्या की योजना, साजिशकर्ताओं और पूरे नेटवर्क से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। सीबीआई आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि हत्या किसके इशारे पर की गई और इसके पीछे असली मकसद क्या था।

Tags:    

Similar News