West Bengal वेस्ट बंगाल: पश्चिम बंगाल सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए सीमा सुरक्षा बल (BSF) को 142.79 एकड़ जमीन सौंप दी है। इस जमीन का उपयोग सीमा चौकियों के निर्माण और कांटेदार तार की फेंसिंग से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने के लिए किया जाएगा।

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार सीमा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार आवश्यक कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि यह जमीन हस्तांतरण सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

मुख्यमंत्री द्वारा बुधवार देर रात सोशल मीडिया पर किए गए एक पोस्ट में कहा गया कि पश्चिम बंगाल सरकार ने BSF को चौकियों के निर्माण और सीमा पर कांटेदार तार की फेंसिंग के लिए भूमि उपलब्ध कराकर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की प्रक्रिया को तेज किया है। उन्होंने बताया कि अब तक BSF को कुल 142.79 एकड़ जमीन दी जा चुकी है, जिससे सीमा सुरक्षा परियोजनाओं को गति मिलेगी।

यह कदम उस निर्णय का हिस्सा बताया जा रहा है, जो 11 मई को राज्य की पहली कैबिनेट बैठक में लिया गया था। इस बैठक में सीमा पर फेंसिंग और संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए 45 दिनों के भीतर करीब 600 एकड़ जमीन ट्रांसफर करने का निर्णय लिया गया था।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य सीमा पार से होने वाली अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना और सुरक्षा तंत्र को अधिक मजबूत बनाना है। सीमा पर चौकियों और फेंसिंग के निर्माण से निगरानी व्यवस्था में सुधार होगा और सुरक्षा बलों को बेहतर ऑपरेशनल सपोर्ट मिलेगा।

BSF लंबे समय से भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा की जिम्मेदारी निभा रहा है और इस तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारों से उसकी क्षमता और प्रभावशीलता में वृद्धि होने की उम्मीद है।

राज्य सरकार का मानना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में मजबूत बुनियादी ढांचा न केवल सुरक्षा को बेहतर करेगा, बल्कि स्थानीय लोगों की सुरक्षा और स्थिरता को भी सुनिश्चित करेगा।

इस फैसले को सीमा सुरक्षा के लिहाज से एक अहम कदम माना जा रहा है, जो आने वाले समय में पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने में मदद करेगा।

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