कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के पूर्वी हिस्से में भारतीय जनता पार्टी के दो गुटों के बीच कथित तौर पर एक दावत के आयोजन को लेकर विवाद हो गया। मामला देखते ही देखते इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। इस झड़प में कम से कम चार लोगों के घायल होने की खबर है। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति पैदा हो गई और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत एक स्थानीय कार्यक्रम और उससे जुड़ी दावत को लेकर हुई थी। शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, लेकिन कुछ ही देर में विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दोनों तरफ से धक्का-मुक्की और मारपीट होने लगी। अचानक हुई इस घटना से आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति को नियंत्रित किया। झड़प में घायल हुए लोगों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। घायलों की स्थिति और उन्हें लगी चोटों के संबंध में विस्तृत जानकारी का इंतजार है। स्थानीय स्तर पर इस घटना को BJP के अंदर चल रही गुटबाजी से जोड़कर भी देखा जा रहा है। हालांकि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और हिंसा की शुरुआत किस पक्ष की ओर से हुई, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। दोनों पक्षों की शिकायतों और मौके पर मौजूद लोगों के बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
बताया जा रहा है कि दावत को लेकर पहले से दोनों गुटों के बीच मतभेद था। कार्यक्रम में किसे बुलाया गया, आयोजन की जिम्मेदारी किसके पास थी और स्थानीय स्तर पर किसका प्रभाव रहेगा जैसे मुद्दों को लेकर तनाव बढ़ने की बात सामने आई है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
घटना के बाद स्थानीय राजनीतिक माहौल भी गरमा गया। विपक्षी दलों को BJP पर निशाना साधने का मौका मिल गया, जबकि पार्टी के स्थानीय नेताओं की ओर से मामले को आपसी विवाद बताते हुए स्थिति शांत करने की कोशिश की गई। पार्टी नेतृत्व की ओर से किसी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानकारी सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट होगी।
पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और घटना के दौरान बनाए गए वीडियो की भी जांच कर सकती है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि विवाद किस तरह शुरू हुआ और मारपीट में कौन-कौन शामिल था। यदि किसी पक्ष की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जाती है तो उसके आधार पर संबंधित कानूनी धाराओं में कार्रवाई की जा सकती है। घटना के बाद इलाके में दोबारा विवाद की आशंका को देखते हुए पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी। अधिकारियों की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखना और दोनों पक्षों के बीच किसी नए टकराव को रोकना है।
पश्चिम बंगाल में अगले विधानसभा चुनाव को देखते हुए राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं। ऐसे समय में किसी राजनीतिक दल के स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच इस तरह की झड़प पार्टी के लिए भी चिंता का विषय बन सकती है। स्थानीय संगठन को मजबूत करने की कोशिशों के बीच गुटबाजी खुलकर सामने आने से नेतृत्व के सामने नई चुनौती पैदा हो सकती है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। झड़प में चार लोगों के घायल होने की खबर के बीच यह पता लगाया जा रहा है कि विवाद केवल दावत को लेकर अचानक हुआ या इसके पीछे पहले से चली आ रही स्थानीय राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता भी जिम्मेदार थी।
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