Kolkata कोलकाता। Enforcement Directorate (ED) ने Concast Steel and Power Limited (CSPL) और उसके प्रमोटर Sanjay Sureka के खिलाफ चल रही जांच के सिलसिले में Rs 133.09 करोड़ मूल्य की चल और अचल संपत्तियों को Provisionally Attach कर दिया। यह कार्रवाई Prevention of Money Laundering Act (PMLA), 2002 के तहत की गई। केंद्रीय एजेंसी के अनुसार, यह जांच CBI के बैंक सिक्योरिटीज और फ्रॉड ब्रांच द्वारा दर्ज FIR के आधार पर शुरू की गई थी। FIR में CSPL और उसके निदेशकों/प्रमोटरों पर Rs 6,210.72 करोड़ (ब्याज को छोड़कर) का बैंक और वित्तीय संस्थानों से धोखाधड़ी करने का आरोप है। आरोप में फंड का डायवर्जन, बढ़ी हुई स्टॉक स्टेटमेंट पेश करना, बैलेंस शीट में हेरफेर जैसी गतिविधियों का उल्लेख किया गया। 

जांच में ED ने पाया कि Sanjay Sureka ने अपनी करीबियों, कर्मचारियों और शेल कंपनियों के नाम पर अचल संपत्तियाँ systematically खरीदीं। साथ ही, यह भी सामने आया कि बैंक से प्राप्त ऋण राशि को उनके समूह की कंपनियों के माध्यम से BDG Group के डिबेंचर में निवेश किया गया, जिसे बाद में इक्विटी शेयर में बदला गया। इससे पहले, इस मामले में Rs 612.71 करोड़ मूल्य की संपत्तियाँ भी जब्त की जा चुकी हैं, जो CSPL और Sanjay Sureka से संबंधित विभिन्न संस्थाओं और UCO बैंक के पूर्व CMD Subodh Goyal की थीं। ED ने फरवरी 2025 में प्रॉसिक्यूशन शिकायत दाखिल की थी, जबकि जुलाई 2025 में संपूरक शिकायत भी दाखिल की गई। इसी बीच, आरोपित Sanjay Sureka और Anant Kumar Agarwal को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। 

जांच में यह भी सामने आया है कि CSPL द्वारा उत्पन्न अपराध से प्राप्त धन को कई कंपनियों के माध्यम से लेयरिंग और मनी लॉन्ड्रिंग में लगाया गया। इन कंपनियों, उनके निदेशकों और जुड़े व्यक्तियों की भूमिका का विस्तृत जांच किया जा रहा है, ताकि अवैध धन के अंतिम लाभार्थियों का पता लगाया जा सके। ED का कहना है कि यह कार्रवाई वित्तीय धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ सख्त संदेश देती है और अवैध गतिविधियों में शामिल सभी व्यक्तियों पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
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