Kolkata कोलकाता : अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) और पश्चिम बंगाल वन विभाग ने कोलकाता के अलीपुर प्राणी उद्यान में जंगली जानवरों की संख्या में कथित विसंगतियों की अलग-अलग जाँच शुरू की है।
कोलकाता के एक नागरिक मंच, सेव वाइल्ड एनिमल्स ऑफ जू एंड अवर नेचर (स्वाजोन) ने चिड़ियाघर की 2023-2024 और 2024-2025 की सूची रिपोर्टों में जानवरों की संख्या में भारी अंतर की ओर इशारा किया है। नागरिक मंच ने कहा कि देश के सबसे पुराने चिड़ियाघर, अलीपुर चिड़ियाघर में बाघ, तेंदुए, शेर और हाथी जैसे जानवर मौजूद हैं, लेकिन चिड़ियाघर की नवीनतम सूची रिपोर्ट में उनका कोई उल्लेख नहीं है। उन्होंने इस मुद्दे को लेकर कलकत्ता उच्च न्यायालय का भी दरवाजा खटखटाया है और याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई होने की संभावना है।
सीजेडए के सदस्य सचिव वी. क्लेमेंट बेन ने कहा, "हमने आरोपों की जाँच के लिए सीजेडए, भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) और भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के अधिकारियों की एक तीन सदस्यीय टीम गठित की है। यह टीम दो दिनों तक कोलकाता में रही। टीम द्वारा एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपे जाने की उम्मीद है।"