Kolkata कोलकाता :कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर दिए गए हालिया बयान पर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। इस बीच केंद्रीय मंत्री और पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कांग्रेस पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस को इतिहास से सबक लेना चाहिए, क्योंकि पार्टी के अपने नेताओं पंडित जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी ने भी आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश की थी, जो अंततः असफल रही। मजूमदार ने कहा, “मैं कांग्रेस को याद दिलाना चाहता हूं कि उनके अपने नेता — नेहरू और इंदिरा गांधी — ने एक समय आरएसएस को खत्म करने की कोशिश की थी। लेकिन आज आरएसएस न केवल देश की सबसे बड़ी संगठनात्मक शक्ति है, बल्कि समाजसेवा और राष्ट्रनिर्माण में उसकी भूमिका निर्विवाद है। कांग्रेस को अपने इतिहास की किताबें फिर से पढ़नी चाहिए, वरना जितनी बची-खुची कांग्रेस है, वह भी खत्म हो जाएगी।”
केंद्रीय मंत्री का यह बयान खड़गे की उस टिप्पणी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने आरएसएस को “संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने वाला संगठन” बताया था। खड़गे ने कहा था कि “आज देश में लोकतंत्र की जड़ें कमजोर की जा रही हैं, और इसका सबसे बड़ा कारण आरएसएस की विचारधारा है। मजूमदार ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास ही लोकतंत्र को कुचलने का रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि 1975 में आपातकाल (Emergency) लागू कर देश की आजादी को कुचलने का काम कांग्रेस ने किया था। “आरएसएस ने हमेशा देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रहित में काम किया है। आज जब कांग्रेस का अस्तित्व खतरे में है, तब वह आरएसएस को निशाना बनाकर राजनीतिक जमीन तलाशने की कोशिश कर रही है,” उन्होंने कहा।
बीजेपी नेता ने यह भी कहा कि कांग्रेस का बार-बार आरएसएस को निशाना बनाना देश की जनता के जनादेश का अपमान है। “आज देश का हर नागरिक जानता है कि आरएसएस ने आपदा, युद्ध और संकट के समय समाज की सेवा की है। वहीं कांग्रेस ने अपने स्वार्थ के लिए देश को बार-बार बांटने का काम किया,” मजूमदार ने आरोप लगाया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में यह बयानबाज़ी 2026 के विधानसभा चुनावों और आगामी लोकसभा रणनीति से भी जुड़ी है। भाजपा बंगाल में राष्ट्रीय स्तर के मुद्दों पर कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस को एक ही पाले में दिखाकर अपने वोटबैंक को मजबूत करने की कोशिश में है।
इस बीच कांग्रेस ने सुकांत मजूमदार के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा नेता जानबूझकर आरएसएस के विवादित अतीत को नजरअंदाज कर रहे हैं। पार्टी प्रवक्ता ने कहा, “खड़गे जी ने केवल यह कहा कि आरएसएस की विचारधारा संविधान विरोधी है, जो ऐतिहासिक रूप से सच है। हमें किसी से इतिहास पढ़ने की जरूरत नहीं।\ हालांकि, राजनीतिक गलियारों में यह विवाद अब सिर्फ बयानबाज़ी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आने वाले दिनों में यह कांग्रेस और बीजेपी के बीच वैचारिक जंग का बड़ा मुद्दा बन सकता है।व्