कविगुरु एक्सप्रेस में गांजे की बड़ी खेप पकड़ी गई, तीन अंतरराज्यीय महिला तस्कर गिरफ्तार
भागलपुर। पश्चिम बंगाल के वर्धमान से ट्रेन के जरिए मादक पदार्थों की बड़ी खेप लेकर भागलपुर आ रहीं तीन अंतरराज्यीय महिला तस्करों को जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया है। कार्रवाई कविगुरु एक्सप्रेस में छापेमारी के दौरान की गई। तलाशी लेने पर महिलाओं के पास से करीब 17 किलोग्राम उच्च श्रेणी का गांजा बरामद किया गया। पुलिस ने मादक पदार्थ को जब्त कर तीनों महिलाओं को हिरासत में ले लिया और उनसे पूछताछ शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, जीआरपी इंस्पेक्टर नसीम अहमद को एक मुखबिर के जरिए गांजा तस्करी से जुड़ा सटीक इनपुट मिला था। सूचना में बताया गया था कि पश्चिम बंगाल के वर्धमान से तीन महिलाएं गांजे की बड़ी खेप लेकर कविगुरु एक्सप्रेस से भागलपुर की ओर रवाना हुई हैं। सूचना मिलते ही रेल पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल को इसकी जानकारी दी गई। इसके बाद संयुक्त टीम ने ट्रेन में संदिग्ध यात्रियों की पहचान और तलाशी के लिए कार्रवाई शुरू की।
पुलिस को मिले इनपुट के आधार पर कविगुरु एक्सप्रेस में विशेष निगरानी रखी गई। ट्रेन के भागलपुर की ओर बढ़ने के दौरान संयुक्त टीम ने बताए गए हुलिए और संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर तीन महिलाओं को चिन्हित किया। इसके बाद उनके सामान की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उनके पास से बड़ी मात्रा में गांजा बरामद होने के बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, कार्रवाई से पहले जीआरपी इंस्पेक्टर नसीम अहमद को मुखबिर से सूचना मिली थी। मुखबिर ने बताया था कि तीन महिलाएं वर्धमान से गांजे की खेप लेकर ट्रेन से भागलपुर के लिए निकली हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए जीआरपी और आरपीएफ की टीम को सक्रिय किया गया।
रेल मार्ग के जरिए मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियां ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर लगातार निगरानी रखती हैं। इसी क्रम में सूचना के आधार पर कविगुरु एक्सप्रेस में जांच अभियान चलाया गया। टीम को सफलता उस समय मिली जब संदिग्ध तीनों महिलाओं को तलाशी के लिए रोका गया।
तलाशी के दौरान करीब 17 किलोग्राम गांजा बरामद होने के बाद पुलिस ने मादक पदार्थ को अपने कब्जे में ले लिया। बरामद गांजे की गुणवत्ता को उच्च श्रेणी का बताया जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में गांजा कहां से लाया गया था और इसे भागलपुर में किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था।
तीनों महिलाओं से पूछताछ
गिरफ्तारी के बाद तीनों महिलाओं से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि वे पहले भी मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल रही हैं या नहीं। इसके अलावा तस्करी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश भी की जा रही है।
जांच एजेंसियों के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि गांजे की खेप वर्धमान में किससे प्राप्त की गई और भागलपुर पहुंचने के बाद इसे किसे सौंपा जाना था। पूछताछ में यदि किसी अन्य व्यक्ति या गिरोह का नाम सामने आता है तो पुलिस उस दिशा में भी कार्रवाई कर सकती है।
पुलिस बरामद गांजे के स्रोत और संभावित खरीदार के बारे में जानकारी जुटाने के साथ-साथ तीनों महिलाओं के मोबाइल फोन और अन्य सामान की भी जांच कर सकती है। इससे तस्करी से जुड़े संपर्कों और नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है।
रेलवे मार्ग से तस्करी पर नजर
ट्रेनों के जरिए एक राज्य से दूसरे राज्य तक मादक पदार्थ पहुंचाने के मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं। तस्कर अक्सर लंबी दूरी की ट्रेनों का इस्तेमाल करते हैं, ताकि बड़ी मात्रा में सामान को दूसरे राज्यों तक ले जाया जा सके। इसे देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी की ओर से ट्रेनों में संदिग्ध यात्रियों और सामान की जांच की जाती है।
कविगुरु एक्सप्रेस में हुई यह कार्रवाई भी इसी तरह की निगरानी का हिस्सा रही। मुखबिर से मिली सूचना के बाद टीम ने समय रहते कार्रवाई की और कथित तौर पर तस्करी के लिए ले जाई जा रही गांजे की खेप को पकड़ लिया।
करीब 17 किलोग्राम गांजे की बरामदगी को बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। इतनी मात्रा में मादक पदार्थ की बरामदगी से यह भी संकेत मिलता है कि मामले के पीछे केवल व्यक्तिगत स्तर पर तस्करी का प्रयास था या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था, इसकी जांच जरूरी है।
आगे की कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने बरामद मादक पदार्थ को जब्त कर लिया है और गिरफ्तार महिलाओं के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मामले में जब्ती की प्रक्रिया, आरोपियों के बयान और अन्य साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया जाएगा।
जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि तीनों महिलाएं किस उद्देश्य से गांजे की खेप लेकर भागलपुर आ रही थीं। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं तथा गांजे की तस्करी के लिए रेल मार्ग का इस्तेमाल कितने समय से किया जा रहा था।
फिलहाल जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में करीब 17 किलोग्राम गांजा बरामद होने के साथ तीन महिला तस्करों की गिरफ्तारी हुई है। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई के बाद अब पुलिस का फोकस मादक पदार्थ की सप्लाई चेन और इसके पीछे सक्रिय लोगों तक पहुंचने पर है। पूछताछ और जांच के आधार पर मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना है।