सिलीगुड़ी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए आवश्यक जमीन उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाया। उत्तरी बंगाल के अपने दौरे के दूसरे दिन सशस्त्र सीमा बल (SSB) के फ्रंटियर हेडक्वार्टर में आयोजित कार्यक्रम में शाह ने कहा कि जब तक देश की सीमाएं सुरक्षित नहीं होंगी, तब तक न पश्चिम बंगाल सुरक्षित रहेगा और न ही भारत।

शाह का यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा और सीमा पर बाड़ लगाने का मुद्दा पश्चिम बंगाल की राजनीति में लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। गृह मंत्री ने सीमा सुरक्षा को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ते हुए राज्य सरकार पर सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया।

SSB कार्यक्रम में शामिल हुए अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अपने उत्तरी बंगाल दौरे के दूसरे दिन SSB के फ्रंटियर हेडक्वार्टर पहुंचे। यहां उन्होंने बल से जुड़ी कई परियोजनाओं के भूमि-पूजन और शिलान्यास कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

कार्यक्रम के दौरान सीमा सुरक्षा, सुरक्षा बलों की भूमिका और सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने से जुड़े विषयों पर जोर दिया गया। SSB भारत की सीमाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और भारत-बांग्लादेश सीमा के कई हिस्सों में भी तैनात है।

अमित शाह ने सुरक्षा बलों की भूमिका को रेखांकित करते हुए सीमा को मजबूत और सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

ममता बनर्जी पर सीधा निशाना

अमित शाह ने अपने संबोधन में ममता बनर्जी को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने का काम पूरा करने के लिए केंद्र सरकार को जिस जमीन की आवश्यकता है, वह राज्य सरकार की ओर से उपलब्ध नहीं कराई गई।

गृह मंत्री ने कहा कि सीमा की सुरक्षा के लिए बाड़ लगाना बेहद महत्वपूर्ण है। उनके मुताबिक, सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच सहयोग आवश्यक है।

शाह ने आरोप लगाया कि जमीन उपलब्ध न होने के कारण सीमा पर बाड़ लगाने का काम प्रभावित हुआ है। उन्होंने इसे केवल प्रशासनिक समस्या के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषय के रूप में पेश किया।

‘सीमा सुरक्षित होगी तभी देश सुरक्षित’

अमित शाह ने कहा कि देश की सीमाओं को सुरक्षित रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक सीमाएं सुरक्षित नहीं होंगी, तब तक पश्चिम बंगाल और भारत दोनों सुरक्षित नहीं रह सकते।

उन्होंने सीमा सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीर विषय बताया। उनके अनुसार, सीमा पर मजबूत सुरक्षा व्यवस्था न केवल घुसपैठ और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए जरूरी है, बल्कि सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है।

बाड़ लगाने को बताया अहम सुरक्षा उपाय

भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने को लेकर केंद्र सरकार लगातार जोर देती रही है। सीमा के कई हिस्सों में भौगोलिक परिस्थितियों, नदी क्षेत्रों और जमीन से जुड़े मुद्दों के कारण बाड़ लगाने की प्रक्रिया चुनौतीपूर्ण रही है।

पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा का बड़ा हिस्सा है। ऐसे में राज्य सरकार और केंद्र के बीच समन्वय सीमा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

अमित शाह ने इसी संदर्भ में राज्य सरकार से सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया और आरोप लगाया कि आवश्यक जमीन उपलब्ध नहीं होने से बाड़ लगाने की प्रक्रिया प्रभावित हुई।

SSB परियोजनाओं का शिलान्यास

कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने SSB की कई परियोजनाओं के लिए भूमि-पूजन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य सुरक्षा बल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और जवानों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा बलों के लिए बेहतर आधारभूत ढांचा उनकी परिचालन क्षमता बढ़ाने में मदद करता है। विशेष रूप से दुर्गम और संवेदनशील सीमा क्षेत्रों में आवास, प्रशासनिक भवन और अन्य सुविधाओं की उपलब्धता महत्वपूर्ण होती है।

सीमावर्ती इलाकों पर केंद्र की नजर

अमित शाह के दौरे को उत्तरी बंगाल और सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उत्तर बंगाल की भौगोलिक स्थिति इसे सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र बनाती है।

भारत-बांग्लादेश सीमा के साथ-साथ क्षेत्र की अन्य अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के कारण यहां सुरक्षा बलों की मौजूदगी और निगरानी महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार सीमा सुरक्षा से जुड़े बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत करने पर जोर दे रही है।

राजनीतिक बयान के भी निकाले जा रहे मायने

अमित शाह के ममता बनर्जी पर सीधे हमले को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पश्चिम बंगाल में सीमा सुरक्षा, घुसपैठ और बाड़ लगाने का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक बहस का हिस्सा रहा है।

शाह ने अपने बयान में सीमा सुरक्षा को बंगाल की सुरक्षा से जोड़ते हुए राज्य सरकार की भूमिका पर सवाल उठाया। इससे आने वाले समय में यह मुद्दा राज्य की राजनीतिक बहस में और प्रमुख हो सकता है।

कुल मिलाकर, अमित शाह ने शुक्रवार को SSB के कार्यक्रम के दौरान भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए पश्चिम बंगाल सरकार पर आवश्यक जमीन उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सीमा को सुरक्षित किए बिना देश और पश्चिम बंगाल की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती। साथ ही, SSB की परियोजनाओं के शिलान्यास के जरिए सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने का संदेश भी दिया।

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