कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया है कि गुरुवार सुबह हथियारबंद बीजेपी समर्थक कोलकाता के कैमक स्ट्रीट स्थित पार्टी कार्यालय में जबरन घुस आए और वहां तोड़फोड़ की। बनर्जी ने दावा किया कि हमलावरों ने कार्यालय में लूटपाट करने के साथ इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को भी नुकसान पहुंचाया। उन्होंने इस कथित घटना को सीधे तौर पर “लोकतंत्र पर हमला” करार दिया है।

अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर घटना की जानकारी साझा करते हुए बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि हथियारबंद लोगों का एक समूह सुबह TMC कार्यालय में घुस आया और वहां मौजूद सामान को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया। बनर्जी के मुताबिक कार्यालय के भीतर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को तोड़ा गया और अन्य सामान के साथ भी तोड़फोड़ की गई।

TMC नेता ने घटना को सामान्य राजनीतिक विरोध या प्रदर्शन के बजाय गंभीर हमला बताते हुए इसकी कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के नाम पर पार्टी कार्यालय को निशाना बनाया जाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक लड़ाई विचारों और चुनावी मैदान में होनी चाहिए, न कि कथित हिंसा और तोड़फोड़ के जरिए।

अभिषेक बनर्जी ने घटना के बाद कोलकाता पुलिस की प्रतिक्रिया को लेकर भी सवाल खड़े किए। उनका आरोप है कि पार्टी कार्यकर्ताओं और वकीलों ने पुलिस से संपर्क करने के लिए बार-बार फोन और ईमेल किए, लेकिन इसके बावजूद पुलिस को घटनास्थल तक पहुंचने में लगभग दो घंटे लग गए।

बनर्जी ने पुलिस की इस कथित देरी को “बहुत ज्यादा और अस्वीकार्य” बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने गंभीर आरोपों वाली घटना की सूचना मिलने के बावजूद पुलिस को मौके पर पहुंचने में इतना समय क्यों लगा। उनके बयान के बाद पुलिस की भूमिका और प्रतिक्रिया के समय को लेकर भी राजनीतिक बहस शुरू होने की संभावना है।

कैमक स्ट्रीट का इलाका कोलकाता की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में TMC कार्यालय में कथित तौर पर घुसकर तोड़फोड़ किए जाने का आरोप राजनीतिक रूप से संवेदनशील बन गया है। तृणमूल कांग्रेस इस मामले को पार्टी कार्यालय की सुरक्षा के साथ-साथ लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़कर उठा रही है।

अभिषेक बनर्जी ने अपनी पोस्ट में आरोप लगाया कि हमलावर बीजेपी से जुड़े हुए थे। हालांकि ये आरोप TMC की ओर से लगाए गए हैं और घटना को लेकर बीजेपी की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही दोनों पक्षों का पूरा रुख स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल बनर्जी के आरोपों ने राज्य में सत्तारूढ़ TMC और विपक्षी बीजेपी के बीच राजनीतिक टकराव को और बढ़ा दिया है।

पश्चिम बंगाल में दोनों दलों के बीच लंबे समय से तीखी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा रही है। चुनावों से लेकर स्थानीय राजनीतिक घटनाओं तक दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर हिंसा और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने के आरोप लगाती रही हैं। ऐसे में कैमक स्ट्रीट की कथित घटना अब नए विवाद की वजह बन सकती है।

TMC की ओर से सबसे गंभीर सवाल पुलिस की कथित देरी को लेकर उठाया गया है। पार्टी का दावा है कि घटना की जानकारी अधिकारियों तक पहुंचाने के लगातार प्रयास किए गए थे। इसके बावजूद करीब दो घंटे तक पुलिस के नहीं पहुंचने का आरोप लगाया गया है। अभिषेक बनर्जी ने इस देरी पर नाराजगी जताते हुए इसे स्वीकार नहीं किए जाने योग्य बताया।

पार्टी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कार्यालय में घुसने वाले लोगों ने वहां मौजूद इलेक्ट्रॉनिक सामान को निशाना बनाया। यदि इस मामले में सीसीटीवी फुटेज या अन्य डिजिटल साक्ष्य उपलब्ध होते हैं तो वे जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। घटना के दौरान कार्यालय में कितने लोग मौजूद थे और कितना नुकसान हुआ, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार है।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद कार्यालय की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। किसी राजनीतिक दल के कार्यालय में कथित रूप से हथियारबंद लोगों के प्रवेश का आरोप सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से गंभीर माना जा रहा है। मामले में आरोपियों की पहचान और घटना के पीछे की परिस्थितियां जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी।

अभिषेक बनर्जी ने घटना को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए संकेत दिया है कि TMC इस मुद्दे को राजनीतिक स्तर पर मजबूती से उठाएगी। पार्टी की ओर से बीजेपी पर लगाए गए आरोपों के कारण आने वाले समय में दोनों दलों के बीच बयानबाजी और तेज हो सकती है।

वहीं इस तरह के मामलों में आरोपों की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण हो जाती है। TMC ने जहां बीजेपी से जुड़े लोगों पर हमला और तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया है, वहीं आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी। बीजेपी की ओर से प्रतिक्रिया आने पर मामले का दूसरा पक्ष भी स्पष्ट होगा।

फिलहाल कैमक स्ट्रीट स्थित TMC कार्यालय में कथित तोड़फोड़ की घटना पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया विवाद बन गई है। अभिषेक बनर्जी ने एक तरफ बीजेपी पर पार्टी कार्यालय को निशाना बनाने का आरोप लगाया है, तो दूसरी तरफ कोलकाता पुलिस की कथित देरी पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। अब पुलिस जांच, संभावित सीसीटीवी फुटेज और दोनों राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया के बाद घटना की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

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