उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का उत्तराखंड दौरा, IFS और IAS प्रशिक्षुओं से करेंगे संवाद
देहरादून। उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन बुधवार से उत्तराखंड के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। अपने दौरे के दौरान वह राज्य की प्रमुख प्रशासनिक और वन सेवा संस्थाओं में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे। उप राष्ट्रपति इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन एकेडमी (IGNFA) और लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक एकेडमी (LBSNAA) में प्रशिक्षु अधिकारियों से संवाद करेंगे।
उप राष्ट्रपति के दौरे को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। उनके आगमन को देखते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, उप राष्ट्रपति अपने उत्तराखंड प्रवास के दौरान सबसे पहले इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन एकेडमी पहुंचेंगे। यहां वह भारतीय वन सेवा (IFS) के प्रशिक्षु अधिकारियों से संवाद करेंगे। इस दौरान वह प्रशिक्षुओं को वन संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और प्रशासनिक जिम्मेदारियों से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन देंगे।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन एकेडमी देश में भारतीय वन सेवा अधिकारियों के प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र है। यहां देशभर से चयनित अधिकारी वन प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग से जुड़े विषयों का प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं।
उप राष्ट्रपति का प्रशिक्षु वन अधिकारियों के साथ संवाद कार्यक्रम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बदलते पर्यावरणीय हालात और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच वन अधिकारियों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में उप राष्ट्रपति का संबोधन प्रशिक्षु अधिकारियों के लिए प्रेरणादायक हो सकता है।
इसके बाद उप राष्ट्रपति लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक एकेडमी (LBSNAA) मसूरी जाएंगे। यहां वह आईएएस प्रोफेशनल कोर्स के समापन समारोह को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी मौजूद रहेंगे।
LBSNAA देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थाओं में शामिल है। यहां सिविल सेवा परीक्षा में चयनित अधिकारियों को प्रशासनिक कार्यों, नीति निर्माण, नेतृत्व क्षमता और जनसेवा से जुड़े विभिन्न पहलुओं का प्रशिक्षण दिया जाता है।
आईएएस प्रोफेशनल कोर्स का समापन प्रशिक्षु अधिकारियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर होता है। इसके बाद ये अधिकारी देश के अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालने के लिए तैयार होते हैं।
उप राष्ट्रपति अपने संबोधन में युवा प्रशासनिक अधिकारियों को जनहित में काम करने, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ जिम्मेदारियां निभाने का संदेश दे सकते हैं। प्रशासनिक सेवा में आने वाले अधिकारियों से आम जनता की समस्याओं को समझने और प्रभावी समाधान देने की अपेक्षा की जाती है।
उप राष्ट्रपति के दौरे को लेकर उत्तराखंड सरकार और जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कार्यक्रम स्थलों पर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया जा रहा है। यातायात व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधों को लेकर भी अधिकारियों की बैठकें हो चुकी हैं।
प्रशासन का कहना है कि उप राष्ट्रपति के कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाया गया है। संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने दायित्वों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
सीपी राधाकृष्णन का उत्तराखंड दौरा प्रशासनिक और वन सेवाओं से जुड़े अधिकारियों के लिए विशेष महत्व रखता है। एक ओर जहां वह वन सेवा के प्रशिक्षुओं से पर्यावरण और संरक्षण से जुड़े विषयों पर चर्चा करेंगे, वहीं दूसरी ओर आईएएस अधिकारियों को बेहतर प्रशासन के लिए प्रेरित करेंगे।
उत्तराखंड में स्थित LBSNAA और IGNFA दोनों ही राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण संस्थाएं हैं। यहां से प्रशिक्षित अधिकारी देश के प्रशासन और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन में अहम योगदान देते हैं।
उप राष्ट्रपति के इस दौरे को लेकर अधिकारियों और प्रशिक्षुओं में भी उत्साह है। प्रशिक्षु अधिकारियों को देश के शीर्ष संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से सीधे संवाद करने का अवसर मिलेगा।
दो दिवसीय दौरे के दौरान उप राष्ट्रपति के कार्यक्रमों पर प्रशासन की पूरी नजर रहेगी। दौरे के सफल आयोजन के लिए सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा चुका है।