उत्तराखंड

Gopeshwar: मृतकों के आश्रितों को 25 लाख मुआवजा, परिवार के सदस्य को नौकरी की मांग

Admindelhi1
18 Aug 2026 2:19 PM IST
Gopeshwar: मृतकों के आश्रितों को 25 लाख मुआवजा, परिवार के सदस्य को नौकरी की मांग
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मृतकों के परिजनों को राहत की मांग, 25 लाख मुआवजा और नौकरी पर जोर

गोपेश्वर: चमोली जिले के मायापुर-पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टीआरटी टनल में 13 अगस्त को हुए हादसे के बाद श्रमिक संगठन ने प्रभावित मजदूरों के लिए मुआवजा और रोजगार की मांग उठाई है।

हिन्दुस्तान जल विद्युत परियोजना निर्माण श्रमिक संघ ने एचसीसी प्रबंधन को पत्र भेजकर मृत श्रमिकों के आश्रितों को 25-25 लाख रुपये मुआवजा देने तथा प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को स्थाई नौकरी दिए जाने की मांग की है।

संगठन अध्यक्ष राजेंद्र टम्टा और महामंत्री सोहन कुमार ने कहा है कि हादसे में बड़ी संख्या में श्रमिक प्रभावित हुए हैं। इनमें आठ श्रमिकों की मौत हो चुकी है, जबकि 12 घायल और दो श्रमिक अभी भी लापता हैं।

संगठन ने कहा कि दुर्घटना के समय सभी श्रमिक पूरी निष्ठा के साथ अपने कार्य का निर्वहन कर रहे थे। ऐसे में प्रभावित श्रमिकों और उनके परिवारों के प्रति प्रबंधन की जिम्मेदारी बनती है। उन्होंने गंभीर रूप से घायल श्रमिकों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की है। आंशिक रूप से घायल श्रमिकों के लिए ढाई-ढाई लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की गई है। संगठन ने प्रबंधन से प्रभावित श्रमिकों को जल्द सहायता राशि उपलब्ध कराने की मांग की है।

संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो मजदूर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इसमें आंशिक या पूर्ण कार्य बहिष्कार और तालाबंदी जैसे कदम शामिल हैं। कहा कि ऐसी स्थिति में परियोजना का निर्माण कार्य अनिश्चितकाल के लिए प्रभावित हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी एचसीसी प्रबंधन की होगी।

संगठन ने प्रबंधन से मृतक और घायल श्रमिकों के परिवारों की स्थिति को देखते हुए मानवीय दृष्टिकोण अपनाने और जल्द से जल्द मुआवजे की घोषणा कर भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है।

इस दौरान उपाध्यक्ष गोपाल सिंह नेगी, कोषाअध्यक्ष पवन खंडूरी, कार्यालय सचिव समीर शाह, सहसचिव सूरज कुमार, कार्यकारिणी सदस्य हरीश बिष्ट, विजय नेगी जितेंद्र कुमार, संरक्षक डीएन झा आदि मौजूद रहे।

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