UTU पेपर लीक: प्रोफेसर गिरफ्तार, मंत्री के इस्तीफे की मांग

Update: 2026-07-24 04:04 GMT

देहरादून : देशभर में नीट पेपर लीक को लेकर चल रहे विवाद के बीच उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) की सेमेस्टर परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक मामला भी चर्चा में आ गया है। इस मामले को लेकर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने इस प्रकरण पर राज्य के शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत के इस्तीफे की मांग शुरू कर दी है। वहीं, देहरादून पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रश्नपत्र लीक मामले में आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता (40) को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले का रहने वाला है। वह देहरादून के झाझरा क्षेत्र स्थित एक निजी कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत था। पुलिस ने पूछताछ के लिए उसे हिरासत में लिया और जांच के आधार पर गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई। इससे पहले ही उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय प्रशासन ने आरोपी के खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए उसे सात साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया था।

मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस दोनों सक्रिय हो गए। प्रारंभिक जांच में प्रश्नपत्र लीक होने की आशंका के बाद संबंधित परीक्षा प्रक्रिया की समीक्षा शुरू की गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्रश्नपत्र किस स्तर से लीक हुआ, इसमें कितने लोग शामिल हैं और क्या इसका लाभ किसी छात्र या अन्य व्यक्ति ने उठाया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच कई पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। आरोपी से पूछताछ के दौरान प्रश्नपत्र प्राप्त करने, उसे आगे भेजने और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि इस पूरे प्रकरण में कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं था।

यूटीयू प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। विश्वविद्यालय की ओर से परीक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आंतरिक स्तर पर जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले के सामने आने के बाद विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार पर हमला तेज कर दिया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि एक ओर देश में नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राज्य की तकनीकी विश्वविद्यालय की परीक्षा में भी प्रश्नपत्र लीक होना शिक्षा व्यवस्था की गंभीर स्थिति को दर्शाता है। पार्टी ने इस मामले में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत के इस्तीफे की मांग की है।

कांग्रेस का आरोप है कि सरकार शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और व्यवस्था बनाए रखने में विफल रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों से छात्रों और अभिभावकों का विश्वास प्रभावित हो रहा है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

वहीं, सरकार की ओर से अभी तक इस मामले में विस्तृत राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही या संलिप्तता पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। सरकार का रुख है कि परीक्षाओं की निष्पक्षता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और दोषियों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा।

शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाएं केवल परीक्षा व्यवस्था को ही प्रभावित नहीं करतीं, बल्कि मेहनत करने वाले हजारों छात्रों के भविष्य पर भी असर डालती हैं। उनका कहना है कि विश्वविद्यालयों और परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं को प्रश्नपत्र तैयार करने, सुरक्षित रखने और वितरण की प्रक्रिया को और अधिक मजबूत करना होगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, डिजिटल सुरक्षा उपायों, सीमित पहुंच वाली प्रणालियों और कड़ी निगरानी के जरिए ऐसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। साथ ही, परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

यूटीयू प्रश्नपत्र लीक मामले में अब पुलिस जांच के अगले चरण में आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर अन्य संभावित आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि प्रश्नपत्र लीक होने से कितने छात्रों को नुकसान पहुंचा और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।

गौरतलब है कि प्रतियोगी और विश्वविद्यालय परीक्षाओं में पेपर लीक के मामले पिछले कुछ समय से देशभर में चिंता का विषय बने हुए हैं। ऐसे मामलों ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और सुरक्षा व्यवस्था पर बहस छेड़ दी है। उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय का यह मामला भी इसी कड़ी में जुड़ गया है।

फिलहाल इस प्रकरण में एक असिस्टेंट प्रोफेसर की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि जांच अभी जारी है। आने वाले दिनों में पुलिस की जांच से यह स्पष्ट होगा कि प्रश्नपत्र लीक की घटना में केवल एक व्यक्ति शामिल था या इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह सक्रिय था। वहीं, राजनीतिक स्तर पर भी यह मामला आने वाले दिनों में और गरमाने के संकेत दे रहा है।

Tags:    

Similar News