Uttarakhand उत्तराखंड: उत्तराखंड में कैंची धाम के स्थापना दिवस की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। 15 जून को लाखों श्रद्धालु कैंची धाम पहुंचेंगे। यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मंदिर प्रबंधन समिति और प्रशासन की ओर से सुरक्षा से लेकर सुविधा तक के सभी इंतजाम किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यहां तीन दिनों के लिए शटल सेवा की भी व्यवस्था की गई है। अब कौन सी शटल कहां से कहां तक चलेगी और उसका किराया क्या होगा। यह भी तय हो गया है। रविवार को होने वाले विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम के स्थापना दिवस को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। अनुमान है कि इस दिन 3 लाख श्रद्धालु कैंची धाम पहुंच सकते हैं।
ऐसे में उनके लिए शटल सेवाएं चलेंगी। शटल सेवाओं में भवाली, भीमताल, खैरना और हल्द्वानी से कैंची धाम तक बसों के साथ टैक्सियां चलाई जाएंगी। ये सेवाएं आज यानी शनिवार से शुरू हो जाएंगी। हर जगह के लिए अलग रंग कोड लेकिन हर जगह के लिए अलग किराया और उसके रूट के हिसाब से अलग रंग की शटल चलेंगी। पांच जून को भवाली से कैंची धाम तक कोई बाइक या कार नहीं चलेगी। इस दौरान पहाड़ की ओर जाने वाले यात्री वाहन और पर्यटकों को भी दूसरे रास्तों से भेजा जाएगा। भीमताल, नैनीताल, हल्द्वानी और भवाली के लिए अलग-अलग कलर कोड रखे गए हैं। इनमें चार कोड हैं, जिनमें गुलाबी, हरा, नीला, पीला शामिल है।
600 से अधिक वाहनों की शटल सेवा
भीमताल में ब्लॉक पार्किंग, नैनीताल में तल्लीताल डांठ चौराहा और हल्द्वानी समेत बाकी मैदानी इलाकों से आने वाले पर्यटकों के लिए गौलापार आईएसबीटी पार्किंग, रोडवेज, केमू स्टेशन हल्द्वानी और काठगोदाम रेलवे स्टेशन, भवाली से नैनी बैंड-2 नैनीताल रोड, सेनेटोरियम पार्किंग और पेट्रोल पंप तक शटल सेवाएं चलाई जाएंगी। इसके अलावा रानीखेत, अल्मोड़ा, बागेश्वर और खैरना समेत अन्य जगहों से आने वाले सभी श्रद्धालुओं को खैरना से ही शटल सेवा मिलेगी। इस बार शटल सेवा में 600 से अधिक वाहनों को लगाने का निर्णय लिया गया है।