Uttarakhand उत्तराखंड: मौसम के करवट बदलने के साथ ही उत्तराखंड के कई इलाकों में भारी बारिश हो रही है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। खासकर पहाड़ी जिलों में भारी बारिश के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। रुद्रप्रयाग जिले में बारिश ने कहर बरपाया है, जहाँ देर रात केदारघाटी में बादल फटने से भारी तबाही मची। वहीं, केदारनाथ यात्रा मार्ग भी प्रभावित हुआ है और चमोली में भूस्खलन से भी खतरा बढ़ गया है।
रुद्रप्रयाग जिले में कल रात से हो रही मूसलाधार बारिश ने तबाही मचा दी है। देर रात रूमसी गाँव के ऊपर बादल फटने की घटना सामने आई, जिससे बेडुबगड़ इलाका सबसे ज़्यादा प्रभावित हुआ। बादल फटने से आवासीय भवनों में मलबा घुस गया और आधा दर्जन से ज़्यादा वाहन मलबे में दब गए।
स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह 8 बजे तक भी कोई बचाव दल मौके पर नहीं पहुँचा था, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश देखा गया। हालाँकि अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन कई परिवारों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। भारी बारिश का असर केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भी देखने को मिला है। गौरीकुंड के पास देर रात पहाड़ी दरकने से बड़े-बड़े पत्थर पैदल मार्ग पर गिर गए, जिससे केदारनाथ जाने वाला रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया है।
चमोली ज़िले में भी स्थिति गंभीर है। विष्णुप्रयाग इलाका भूस्खलन की चपेट में आ गया है। यहाँ कुछ दुकानें और मुख्य मार्ग गंभीर खतरे में हैं। भारी बारिश और अलकनंदा नदी के बढ़ते प्रवाह के कारण लगातार कटाव हो रहा है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है।
प्रशासन ने स्थानीय लोगों से नदी किनारे न जाने की अपील की है और जोखिम वाले इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। संभावित राहत कार्यों के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं।
उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण बने हालात को देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें पूरी तरह अलर्ट पर हैं। लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित रहने की अपील की गई है।
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