ऋषिकेश। उत्तराखंड की योगनगरी ऋषिकेश में गंगा की लहरों के बीच साहसिक पर्यटन का रोमांच एक बार फिर शुरू हो गया है। धर्म, अध्यात्म और योग के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध ऋषिकेश अब रिवर राफ्टिंग के शौकीनों की भी पहली पसंद बनता जा रहा है। मानसून के बाद गंगा में राफ्टिंग गतिविधियां दोबारा शुरू होने से पर्यटकों की आवाजाही बढ़ गई है। इस सीजन में 24 सितंबर से गंगा में रंग-बिरंगी राफ्टें उतरनी शुरू हो गई हैं। वर्तमान में प्रतिदिन औसतन दो हजार पर्यटक राफ्टिंग का आनंद लेने पहुंच रहे हैं। इनमें देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले सैलानियों के साथ विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं।

ऋषिकेश में राफ्टिंग का पर्यटन सीजन सामान्य तौर पर सितंबर से जून तक चलता है। मानसून के दौरान जुलाई और अगस्त में सुरक्षा कारणों से राफ्टिंग गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहता है। इसके बाद गंगा नदी राफ्टिंग प्रबंधन समिति नदी के जलस्तर और परिस्थितियों का आकलन कर सितंबर में राफ्टिंग की अनुमति देती है। इस वर्ष भी जलस्तर का आकलन करने के बाद 24 सितंबर से राफ्टिंग गतिविधियों की शुरुआत की गई।

गंगा की लहरों पर लौट आया रोमांच

ऋषिकेश में राफ्टिंग शुरू होने के साथ ही साहसिक पर्यटन गतिविधियों में तेजी आई है। गंगा की तेज जलधारा में राफ्टिंग करने के लिए पर्यटक बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।

राफ्टिंग के दौरान पर्यटकों को गंगा की लहरों के बीच रोमांचक अनुभव मिलता है। यही कारण है कि ऋषिकेश आने वाले अनेक पर्यटक धार्मिक स्थलों के दर्शन और योग गतिविधियों के साथ राफ्टिंग को भी अपनी यात्रा में शामिल करते हैं।

इस सीजन में 24 सितंबर से गंगा में राफ्टिंग शुरू हुई है। इसके बाद से प्रतिदिन औसतन दो हजार पर्यटक इस गतिविधि का आनंद लेने पहुंच रहे हैं।

पर्यटकों की बढ़ती संख्या साहसिक पर्यटन के प्रति लोगों की दिलचस्पी को दर्शाती है।

हर दिन पहुंच रहे दो हजार पर्यटक

ऋषिकेश में रिवर राफ्टिंग के लिए पर्यटकों की अच्छी संख्या देखने को मिल रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रतिदिन औसतन दो हजार सैलानी गंगा में राफ्टिंग करने पहुंच रहे हैं।

इनमें युवा पर्यटकों के साथ साहसिक गतिविधियों में रुचि रखने वाले अन्य यात्री भी शामिल हैं।

ऋषिकेश का प्राकृतिक वातावरण और गंगा की जलधारा राफ्टिंग के अनुभव को विशेष बनाते हैं।

पर्यटकों की संख्या से यह भी स्पष्ट होता है कि राफ्टिंग अब ऋषिकेश के प्रमुख पर्यटन आकर्षणों में शामिल हो चुकी है।

हालांकि, इस सीजन में अब तक कुल कितने पर्यटकों ने राफ्टिंग की है, इसका विस्तृत आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।

पिछले सीजन में पहुंचे थे 3.80 लाख से अधिक सैलानी

ऋषिकेश में राफ्टिंग की लोकप्रियता का अंदाजा पिछले पर्यटन सीजन के आंकड़ों से लगाया जा सकता है।

पिछले सीजन में तीन लाख अस्सी हजार से अधिक पर्यटकों ने गंगा में रिवर राफ्टिंग का आनंद लिया था।

यह संख्या साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में ऋषिकेश की बढ़ती पहचान को दर्शाती है।

देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले पर्यटकों के अलावा विदेशी सैलानी भी यहां राफ्टिंग में रुचि दिखा रहे हैं।

हालांकि, पिछले सीजन में भारतीय और विदेशी पर्यटकों की अलग-अलग संख्या उपलब्ध नहीं है।

इसी तरह मौजूदा सीजन में पिछले वर्ष की तुलना में कितनी बढ़ोतरी हुई है, इसका आकलन पूरे सीजन के आंकड़े सामने आने के बाद ही किया जा सकेगा।

विदेशी पर्यटकों को भी पसंद आ रही राफ्टिंग

ऋषिकेश की पहचान लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय योग और आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में रही है।

यहां विदेशी पर्यटक योग, ध्यान और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं का अनुभव लेने पहुंचते हैं।

अब रिवर राफ्टिंग भी उनके आकर्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रही है।

गंगा में राफ्टिंग का आनंद लेने वाले पर्यटकों में विदेशी सैलानी भी शामिल हैं।

विदेशी पर्यटकों की मौजूदगी से ऋषिकेश के साहसिक पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलती है।

धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों के साथ साहसिक पर्यटन का विकल्प उपलब्ध होने से ऋषिकेश की पर्यटन पहचान विविध हो गई है।

मानसून में दो महीने बंद रहती है राफ्टिंग

गंगा में राफ्टिंग का संचालन मौसम और नदी के जलस्तर पर निर्भर करता है।

सामान्य तौर पर सितंबर से जून तक राफ्टिंग का सीजन चलता है।

मानसून के दौरान जुलाई और अगस्त में नदी का जलस्तर बढ़ने और जलधारा की परिस्थितियों में बदलाव के कारण राफ्टिंग गतिविधियों पर रोक रहती है।

यह प्रतिबंध पर्यटकों और राफ्टिंग संचालन से जुड़े लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लगाया जाता है।

मानसून समाप्त होने के बाद नदी की परिस्थितियों की समीक्षा की जाती है।

गंगा नदी राफ्टिंग प्रबंधन समिति जलस्तर का आकलन करने के बाद ही गतिविधियों को दोबारा शुरू करने की अनुमति देती है।

इस बार 24 सितंबर से राफ्टिंग संचालन शुरू किया गया है।

जलस्तर का आकलन करने के बाद मिलती है अनुमति

रिवर राफ्टिंग एक साहसिक जलक्रीड़ा है, जिसमें सुरक्षा मानकों का पालन अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।

गंगा में राफ्टिंग शुरू करने से पहले नदी के जलस्तर और जलधारा की परिस्थितियों का आकलन किया जाता है।

गंगा नदी राफ्टिंग प्रबंधन समिति की अनुमति मिलने के बाद ही सीजन की शुरुआत होती है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य नदी की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राफ्टिंग गतिविधियों का संचालन सुनिश्चित करना है।

राफ्टिंग करने वाले पर्यटकों के लिए सुरक्षा जैकेट, हेलमेट और प्रशिक्षित गाइड के निर्देशों का पालन करना जरूरी होता है।

पर्यटकों को राफ्टिंग के दौरान अनावश्यक जोखिम लेने से बचना चाहिए और संचालकों द्वारा दिए गए सुरक्षा निर्देशों का पालन करना चाहिए।

साहसिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बना ऋषिकेश

ऋषिकेश में पर्यटन केवल धार्मिक यात्राओं तक सीमित नहीं है।

यहां योग, ध्यान, आध्यात्मिक गतिविधियों और प्राकृतिक पर्यटन के साथ रिवर राफ्टिंग ने भी विशेष पहचान बनाई है।

गंगा की लहरों पर राफ्टिंग का अनुभव लेने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं।

साहसिक पर्यटन के कारण ऋषिकेश की पहचान उन यात्रियों के बीच भी बढ़ी है, जो अपनी यात्रा में रोमांचक गतिविधियों को शामिल करना चाहते हैं।

राफ्टिंग गतिविधियों का संचालन स्थानीय पर्यटन व्यवसाय से भी जुड़ा हुआ है।

इस क्षेत्र में राफ्टिंग संचालकों, गाइडों और पर्यटन से संबंधित अन्य सेवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है।

पर्यटकों की नियमित आवाजाही स्थानीय पर्यटन गतिविधियों को बनाए रखने में मदद करती है।

पर्यटन सीजन में बनी हुई है रौनक

सितंबर के अंतिम सप्ताह से राफ्टिंग शुरू होने के बाद ऋषिकेश में साहसिक पर्यटन का माहौल बना हुआ है।

हर दिन औसतन दो हजार पर्यटकों का पहुंचना इस गतिविधि के प्रति आकर्षण को दर्शाता है।

पिछले सीजन में 3.80 लाख से अधिक सैलानियों की भागीदारी ने राफ्टिंग के महत्व को रेखांकित किया था।

अब नए सीजन में भी भारतीय और विदेशी पर्यटक गंगा की लहरों के बीच रोमांच का अनुभव कर रहे हैं।

ऋषिकेश में 24 सितंबर से शुरू हुआ राफ्टिंग सीजन सामान्य परिस्थितियों में जून तक चलेगा। हालांकि, गतिविधियों का संचालन नदी के जलस्तर, मौसम और संबंधित समिति की अनुमति पर निर्भर रहेगा। फिलहाल गंगा में राफ्टिंग का रोमांच लौटने से योगनगरी में साहसिक पर्यटन की रौनक बढ़ गई है।

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