उत्तराखंड मुख्यमंत्री ने योजनाओं के लाभार्थियों के लिए ऋण प्रक्रिया सरल करने के निर्देश दिए

Update: 2025-07-11 12:39 GMT
Dehradun, देहरादून : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को विभिन्न केंद्रीय और राज्य सरकार की योजनाओं के तहत ऋण प्रक्रियाओं को सरल बनाने का निर्देश दिया है ताकि लोगों तक अधिकतम लाभ पहुंच सके। शुक्रवार को सचिवालय में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की विशेष बैठक में सीएम धामी ने इस बात पर जोर दिया कि जन समस्याओं का समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कृषि बीमा योजनाओं में बीमा दावा प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने तथा जिलों में ऋण-जमा अनुपात बढ़ाने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का ऋण जमा अनुपात बढ़ाने के लिए और अधिक प्रयास किए जाने चाहिए। वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य का ऋण जमा अनुपात 54 प्रतिशत से बढ़कर 54.26 प्रतिशत हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे 60 प्रतिशत तक ले जाने के लिए और अधिक प्रभावी प्रयास किए जाएं। राज्य के पर्वतीय जनपदों विशेषकर टिहरी, पिथौरागढ़, रूद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, पौड़ी एवं बागेश्वर जनपदों में ऋण जमा अनुपात को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को एक ही दिन एक ही स्थान पर जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिले, इसके लिए अक्टूबर माह में सभी जिलों में बड़े पैमाने पर शिविर आयोजित किए जाएं, जिसमें सभी विभाग एवं बैंकर्स एक साथ बैठकर जनता की समस्याओं का समाधान करें तथा उन्हें विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करें। बैठक में बताया गया कि उत्तराखण्ड में प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अन्तर्गत प्रति लाख 48 हजार व्यक्तियों को बीमा कवरेज प्राप्त हुआ है, जो राष्ट्रीय औसत 40 हजार से अधिक है।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत राज्य में प्रति उधारकर्ता वितरित औसत ऋण राशि 93,900 रुपये है, जो राष्ट्रीय औसत 62,686 से कहीं अधिक है। प्रधानमंत्री जन-धन योजना के अंतर्गत राज्य में अब तक 39 लाख खाते खोले जा चुके हैं, यह आँकड़ा पहाड़ी राज्यों में सबसे अधिक है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य में अग्रिमों में 10.26 प्रतिशत तथा जमाओं में 9.09 प्रतिशत की वृद्धि हुई।राज्य सरकार की वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना एवं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत पिछले तीन वर्षों में लगातार अच्छी प्रगति हुई है। राज्य के कुल 6 लाख 10 हज़ार 636 किसानों ने केसीसी सुविधा का लाभ उठाया है, जिनमें से 67 प्रतिशत लघु एवं सीमांत किसान हैं। राज्य के 70.23 प्रतिशत स्वयं सहायता समूहों के पास ऋण लिंकेज है। पिछले तीन वर्षों में स्वयं सहायता समूहों की संख्या में 21 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
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